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राम और अयोध्या तो होंगे पर मस्जिद विवाद नहीं, केंद्र पुस्तक की शक्ल में तैयार करवा रही दस्तावेज 

Thu, 26 Jul 2018 04:55 AM IST
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 26 Jul 2018 04:55 AM IST
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Ram and Ayodhya will be but not a mosque dispute, the document being preparing by government 

भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को अब दुनिया के समक्ष एक नए रूप में सामने लाने के लिए केंद्र सरकार पुस्तक की शक्ल में एक वृहद दस्तावेज तैयार करवा रही है। इसमें भारत की सकारात्मक खूबियों को शामिल किया जाएगा। जबकि विवादित मसले नजरअंदाज रहेंगे। मसलन, पुस्तक में राम-कृष्ण, अयोध्या-मथुरा तो होंगे, लेकिन बाबरी मस्जिद विवाद नहीं दिखेगा।

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सरकार की कोशिश है कि भारत दुनिया को आकर्षित करे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीनस्थ संस्था इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च (आईसीएचआर) भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा पर एक भारत श्रेष्ठ भारत पुस्तक तैयार कर रहा है।
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पुस्तक तैयार करने को लेकर मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक आयोजित हुई। इसमें संस्कृति, साहित्य, सभ्यता, परिवार कुटुंब व्यवस्था, तकनीक, विज्ञान, दर्शन, सांस्कृतिक कलाएं, शिक्षा-विख्यात, भाषा-बोली, कला, कारीगरी व धर्म आदि विषयों पर दुनिया को जानकारी मिलेगी। इसके लिए शिक्षाविद् प्रो. जेएस राजपूत शिक्षा तो प्रो. ओमप्रकाश पांडे साइंस व तकनीक व इतिहास लिखेंगे। जबकि पुरातत्वविद् प्रो. बीआर मणि समेत 30 विशेषज्ञ अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।        
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राजा-महाराजा नहीं होंगे शामिल       
किताब में ताजमहल, कुतुबमीनार, लाल किला तो शामिल होगा, लेकिन राजा-महाराजा नहीं रहेंगे। किताब में 22 भाषाएं भी शामिल होंगी। फिलहाल पहले चरण में हिंदी व अंग्रेजी में किताब आएगी, लेकिन बाद में अन्य 22 भाषाओं में भी ट्रांसलेट होंगी। किताब दुनिया भर से भारत भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों के लिए बेहद फायदेमंद होगी।        


वैदिक काल से लेकर 21वीं सदीं का भारत दिखेगा        
एक किताब से भारत की पूरी जानकारी मुहैया करवाने की पहल है। किताब में उन्हीं विषयों को शामिल किया जाएगा, जिसे सब स्वीकार करते हैं। अयोध्या व राम तो होंगे, लेकिन राम मंदिर को शामिल नहीं किया जाएगा। क्योंकि राम मंदिर से भारत नहीं है। किसी राष्ट्र, संविधान, धर्म या घटना पर अपमान दर्शाने वाले विषयों को शामिल नहीं किया जाएगा। प्रमाणिकता के आधार पर इस पुस्तक में तथ्य शामिल होंगे।       
प्रो. रजनीश कुमार शुक्ला, सदस्य सचिव, आईसीएचआर।        

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