Raksha bandhan: ऑटो-कैब ड्राइवरों को भाई बनाएंगी BJP महिला कार्यकर्ता, एक करोड़ रिक्शा चालकों का होगा सम्मान
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विस्तार
इस वर्ष रक्षा बंधन (30-31 अगस्त) पर भाजपा की महिला कार्यकर्ता ऑटो रिक्शा चालकों, कैब, ई-रिक्शा और सामान्य रिक्शा चालकों को रक्षा सूत्र बांधेंगी। रक्षा बंधन से दो दिन पहले से लेकर दो दिन बाद तक यानी पांच दिन चलने वाली इस स्नेह यात्रा (Sneh Yatra) में आम नागरिकों के घरों तक राशन-भोजन पहुंचाने वाले डिलीवरी ब्वॉय को भी तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा जाएगा और उनका सम्मान किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले इस कार्यक्रम में इस सेक्टर में काम कर रहे एक करोड़ चालकों-डिलीवरी एजेंट्स तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
भाजपा की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत ने अमर उजाला को बताया कि कैब या रिक्शा चालक अपनी आजीविका का कार्य करते हुए भी महिलाओं की रक्षा का बहुत महत्त्वपूर्ण कार्य करते हैं। वे उन्हें सुरक्षित रूप से उनके घर-कार्यालय पहुंचने में मदद करते हैं। यदि इन चालकों, फूड डिलीवरी एजेंट्स की क्षमता का पूरा सदुपयोग किया जाए, तो सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में भी भारी कमी लाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि कैब-रिक्शा चालकों और डिलीवरी एजेंट्स की इस भूमिका को ध्यान में रखते हुए ही इस बार रक्षा बंधन पर उन्हें सम्मानित करने का कार्यक्रम रखा गया है। कार्यक्रम को भाजपा की महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं के द्वारा पूरे देश में मनाया जाएगा। पिछले वर्ष रक्षाबंधन पर भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने देश के पुलिस सेवाओं से जुड़े कर्मियों का सम्मान किया था। इसी तरह कोविड काल में डॉक्टरों और सफाईकर्मियों का सम्मान किया गया था।
कारगर रही थी ये सोच
दरअसल, भाजपा की सोच समाज के सबसे निचले तबके को अपने साथ जोड़ने की रहती है। इसके लिए वह समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम चलाती रहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चौकीदारों, सिक्योरिटी गार्ड, श्रमिकों, सफाई कर्मियों और अन्य वर्गों के लोगों से जुड़ने के कार्यक्रम कर उन्हें अपने साथ जोड़ते रहे हैं। ये वर्ग उनके बड़े समर्थक बनकर तैयार होते हैं। भाजपा को इसका चुनावी लाभ भी मिलता है। 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए स्नेह यात्रा का यह कार्यक्रम भी पार्टी को लाभ पहुंचा सकता है।