राज्यसभा का बदलेगा शक्ति संतुलन: NDA का बढ़ेगा दबदबा, तो सिमट जाएगा विपक्षी गठबंधन का दायरा; आंकड़े किसके साथ?
इस साल राज्यसभा के 73 सीटों पर होने वाले चुनाव से उच्च सदन का गणित पूरी तरह बदलने वाला है। NDA को करीब 50 सीटें मिलने से उसकी ताकत और बढ़ेगी, जबकि भाजपा अकेले बहुमत के करीब पहुंच जाएगी। वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन को नुकसान होगा। बसपा और माकपा को सबसे बड़ा झटका लगेगा। आइए जानते है कि अंक गणित क्या कहते है?
विस्तार
इस साल राज्यसभा का गणित पूरी तरह बदल जाएगा। संसद के उच्च सदन में पहले ही बहुमत हासिल कर चुके राजग की स्थिति और मजबूत होगी। वहीं, साल के अंत तक भाजपा अकेले दम पर बहुमत के करीब पहुंच जाएगी। दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन का दायरा और सिमट जाएगा। बसपा और माकपा को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। दरअसल इस साल चार बार में राज्यसभा की जिन 73 सीटों पर चुनाव होंगे, उनमें राजग के हिस्से 50 सीटें आएंगी। इनमें भाजपा सदस्यों की संख्या 103 से बढ़कर 111 हो जाएगी।
वहीं, राजग के सदस्यों की संख्या 135 से बढ़कर 145 हो जाएगी। नए साल में सबसे बड़ा झटका बसपा और माकपा को लगेगा। माकपा का पहली बार पश्चिम बंगाल से नेतृत्व शून्य हो जाएगा, वहीं नब्बे के दशक के बाद पहली बार संसद के दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व शून्य हो जाएगा। बसपा के इकलौते राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम नवंबर में रिटायर होंगे। वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी बसपा का एक ही सदस्य है।
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कांग्रेस को फायदा, पर गठबंधन को नुकसान...
चुनाव में कांग्रेस को एक सीट का लाभ होगा, मगर उसकी अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन को 5 सीटों का नुकसान होगा। कांग्रेस के सदस्यों की संख्या आठ से बढ़ कर नौ हो जाएगी, मगर गठबंधन के सदस्यों की संख्या 80 से घट कर 75 रह जाएगी। गैरराजग-गैर इंडिया दलों के सदस्यों की संख्या 29 से घट कर 25 रह जाएगी।
पवार के लौटने पर भी संशय
अप्रैल में रिटायर होने वाले प्रमुख सदस्यों में एनसीपी (पवार) के प्रमुख शरद पवार भी हैं। पवार तभी राज्यसभा में पुन: निर्वाचित हो कर आ सकते हैं, जब उन्हें शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस का साथ मिले। वर्तमान में पवार के पास 10, कांग्रेस के पास 16 और शिवसेना यूबीटी के पास 20 विधायक हैं। अप्रैल में ही शिवसेना यूबीटी की प्रियंका चतुर्वेदी और कांग्रेस के चंद्रकांत दामोदर, एनसीपी की ही फौजिया खान भी रिटायर हो रही हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस अपने-अपने सदस्यों के बदले पवार के नाम पर सहमति देंगे?
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छह मंत्रियों के अलावा खरगे का पूरा होगा कार्यकाल
इस साल जिन 73 सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें मोदी सरकार के छह मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिाकर्जुन खरगे भी शामिल हैं। इनमें भाजपा के सर्वाधिक 30 सांसद हैं। जिन मंत्रियों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, रामनाथ ठाकुर, रामदास आठवले, रवनीत सिंह बिट्टू, जॉर्ज कुरियन शामिल हैं। कार्यकाल पूरा होते समय पुरी की उम्र 75 वर्ष हो जाएगी। ऐसे में उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाने का सवाल रहेगा।
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