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'बांग्लादेश की तर्ज पर बदलाव चाहती है कांग्रेस': विपक्ष पर बरसे राजनाथ सिंह, कहा- युवाओं को बना रही है मोहरा

Fri, 16 Oct 2026 10:18 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Fri, 16 Oct 2026 10:18 AM IST
सार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बांग्लादेश जैसी घटनाओं से प्रेरित होकर देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहता है। उन्होंने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और कांग्रेस के चुनाव आयोग के पुराने रिकॉर्ड पर सवाल उठाए।

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Rajnath singh press conference lashes out at opposition, says it is Congress spreading confusion and lies.
राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता की। इस दौराने उन्होंने सत्ता परिवर्तन के दावे को लेकर विपक्ष और इंडिया ब्लॉक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अराजकता से सत्ता हासिल करना चाहती है। युवाओं को अराजक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ये सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं। 

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा? 
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'राजनीतिक हितों के लिए भारत की संवैधानिक संस्थाओं की बलि नहीं दी जा सकती। इस बात को समझने की जरूरत है। झूठा आक्रोश दिखाकर, संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश करके और राजनीतिक अवसरवाद के जरिए भारत की विकास यात्रा को प्रभावित नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी को बाधा डालने वाली राजनीति करने के बजाय, जन-जनादेश का सम्मान करना चाहिए और अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्म-चिंतन करना चाहिए।'
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'बांग्लादेश जैसा विद्रोह भारत में करने की कोशिश'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरे की तरह इस्तेमाल करने की कोशिशें हो रही हैं। कुछ लोग बांग्लादेश की घटनाओं की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। खुलेआम स्वीकार करते हैं कि उन्हें बांग्लादेश के हालात से प्रेरणा मिली है; वहीं कुछ अन्य लोग बेशर्मी से सरकार को गिराने की मांग कर रहे हैं।
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इससे यह साफ हो जाता है कि उनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करना। देश में आग लगाना है। उनकी लड़ाई चुनावी सुधार के लिए नहीं है, न ही यह एसआईआर या ज्ञानेश कुमार से जुड़ी है। यह देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी नहीं है बल्कि, यह देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हथियाने की एक साजिश है।'

इंदिरा गांधी को लेकर क्या कहा? 
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगे कहा, 'साथियों, मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि 1975 में इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र को सलाखों के पीछे डाल दिया था। उन्होंने लोकतंत्र को कैद कर लिया था। आज राहुल गांधी संविधान को अपनी जेब में रखकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस के इतिहास के पन्ने पलटकर देखिए, आपको कई काले अध्याय मिलेंगे। आज मैं आपको बताता हूं कि राहुल गांधी की कांग्रेस, जो देश के चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती है।

उन्होंने आगे कहा, 'उसने खुद चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को कठपुतली की तरह अपने नियंत्रण में रखा था। मैं आपको कुछ उदाहरण देना चाहता हूं। 1993 में, कांग्रेस सरकार ने चुनाव आयोग में अचानक बदलाव किए। रातों-रात दो नए चुनाव आयुक्त नियुक्त कर दिए गए। आपको याद होगा कि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर चुनाव आयुक्त नवीन चावला को उनके पद से हटाने की सिफारिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि नवीन चावला ने चुनाव आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस नेताओं के साथ साझा की थी। ये बहुत गंभीर आरोप हैं।' 

राहुल गांधी से पूछा सवाल
इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस उत्तर प्रदेश में  37 वर्षों से सत्ता से बाहर है। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं। क्या समाजवादी पार्टी के बिना, आपमें रायबरेली में अपनी खुद की सीट जीतने की भी क्षमता है?'

राहुल के दावे पर क्या कहा? 
राजनाथ सिंह ने आगे कहा, 'राहुल गांधी ने एक बार दावा किया था कि 70 साल की एक महिला 'डबल वोटर' (दो बार वोट देने वाली) है। एक अन्य मौके पर, उन्होंने आरोप लगाया कि 35 साल की एक महिला 124 साल की वोटर है। कई बार तो उन्होंने आम नागरिकों को 'फर्जी वोटर' बताकर उन्हें बदनाम करने की भी कोशिश की।  उनकी अपनी पार्टी ने कभी भी मतदाता सूची को लेकर कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई।


वे आगे कहते हैं, 'इसका कारण यह है कि उनके पास ऐसे दावों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं था। हमने कभी भी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल नहीं उठाए। यह हमारा स्वभाव है। हमने कभी देश की चुनाव प्रणाली पर सवाल नहीं खड़े किए। इसके साथ ही न ही संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके जनता को गुमराह करने की कोशिश की। हमने हमेशा इस देश की जनता, संविधान और अपनी संवैधानिक संस्थाओं का पूरा सम्मान किया है। 

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