फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan: BJP avoiding changing the state president satish punia in election year

Rajasthan: नड्डा को मिले विस्तार से आसान हो सकती है पूनिया की राह, BJP क्यों बच रही प्रदेश अध्यक्ष बदलने से?

Thu, 19 Jan 2023 06:59 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 19 Jan 2023 06:59 PM IST
सार

Rajasthan: भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में भी पूनिया का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद चुनाव प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई थी। जबकि अध्यक्ष का कार्यकाल जैसे ही पूरा होने का समय आता है, संगठन में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाती है...

विज्ञापन
Rajasthan: BJP avoiding changing the state president satish punia in election year
Rajathan: Satish Punia - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को एक्सटेंशन मिल गया है। पार्टी ने यह फैसला आगामी नौ राज्यों के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए लिया है। ऐसे में राजस्थान (Rajasthan) में चुनावी साल को देखते हुए भाजपा संगठन में बदलाव की संभावना कम नजर आ रही है। जेपी नड्डा के कार्यकाल बढ़ने से माना प्रदेश के राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि सतीश पूनिया को भी एक्सटेंशन मिल जाएगा।

विज्ञापन

भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में भी पूनिया का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद चुनाव प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई थी। जबकि अध्यक्ष का कार्यकाल जैसे ही पूरा होने का समय आता है, संगठन में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। ये बातें साफ इशारा करती हैं कि पूनिया को पार्टी एक साल और बिना चुनाव के प्रदेशाध्यक्ष पर बनाए रखेगी।

विज्ञापन

प्रदेश के राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राजस्थान में साल के अंत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। चुनाव के लिए महज नौ माह का समय बचा हुआ है। सितंबर मध्य में भी प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी। ऐसे में पार्टी अध्यक्ष को बदलकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। इसलिए उन्हें बरकरार रख सकती हैं। लेकिन टीम में फेरबदल जरूर करेगी। अगर पार्टी अध्यक्ष का पद खाली होता है, तो कई दावेदार खड़े होंगे, ऐसे हालातों से पार्टी बचना चाहेगी। अगर पार्टी चुनाव से ठीक पहले पार्टी अध्यक्ष को बदलती है, तो गुटबाजी ओर बढ़ेगी। पहले ही राज्य में गुटबाजी बहुत चरम पर है। आरएसएस का एक धड़ा अभी भी पुनिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखना चाहता है। क्योंकि पूनिया का बैकग्राउंड संघ का ही हैं। आरएसएस ने ही उनका नाम 2019 में प्रदेश अध्यक्ष के लिए प्रस्तावित किया था। दूसरा जातिगत कोण दृष्टि से पूनिया किसान वर्ग से हैं। चुनावी साल में पार्टी इस वर्ग को साथ लेकर चलना चाहेगी। पूनिया की गिनती प्रदेश के सक्रिय राजनेता में होती हैं। वे जयपुर की आमेर सीट से विधायक भी हैं। विधानसभा और सड़क पर हमेशा गहलोत सरकार को घेरने से नहीं चुकते है।

विज्ञापन
विज्ञापन

2019 में प्रदेश अध्यक्ष बने थे पूनिया

भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष मदनलाल सैनी के जून 2019 में निधन के बाद सतीश पूनिया को 14 सितंबर 2019 को राजस्थान भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया था। बाद में 27 दिसंबर 2019 को पूनिया को संगठन की चुनाव प्रक्रिया के तहत निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया गया। उनका तीन साल का कार्यकाल 27 दिसंबर को पूरा हो चुका है। पूनिया आमेर (जयपुर) विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed