राहुल ‘सुबह’ मंदिर में और ‘शाम’ दरगाह में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में किसान यात्रा के नाम से कांग्रेस की चुनावी यात्रा पर निकले राहुल गांधी शुक्रवार को अयोध्या में हनुमान गढी का दर्शन करने जाएंगे। पिछले करीब ढाई दशक से गांधी परिवार का कोई व्यक्ति अयोध्या नहीं गया है। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा है।
1990 के दशक से लेकर अब तक अयोध्या भले ही देश और प्रदेश की राजनीति का मुख्य केंद्र रहा हो लेकिन यह इत्तिफाक ही है कि गांधी परिवार का कोई भी व्यक्ति 1992 में बाबरी मस्जिद ध्वस्त होने के बाद से यहां नहीं आया है।
यूं तो सोनिया गांधी कई बार फैजाबाद चुनावी सभाओं में शिरकत करने आईं लेकिन उनका अयोध्या जाना नहीं हो पाया। स्थानीय कांग्रेसी नेताओं के मुताबिक 1990 में राजीव गांधी अयोध्या आए थे और उन्हें हनुमानगढी के भी दर्शन करने थे लेकिन देर होने के कारण दर्शन संभव नहीं हो सका।
26 साल बाद राहुल गांधी किसान यात्रा के दौरान जब फैजाबाद आए तो अचानक उनका अयोध्या और हनुमानगढी में दर्शन का भी कार्यक्रम शामिल कर लिया गया। वैसे इस यात्रा में पहले अयोध्या का कार्यक्रम नहीं था।
कांग्रेस उपाध्यक्ष की किसान यात्रा के तीन दिन हो चुके हैं
शुक्रवार को ही राहुल गांधी अयोध्या से आंबेडकर नगर जाते हुए किचौचा शरीफ दरगाह भी जाएंगे। इससे पहले गुरुवार को देवरिया से दिल्ली तक किसान यात्रा पर निकले राहुल गांधी ने बस्ती जिले में पांच घंटे से अधिक समय तक रोड शो किया। इस दौरान उन्होंने कई जगह लोगों को संबोधित किया।
राहुल गांधी ने गन्ना किसानों की बर्बादी, किसानों की अन्य समस्याओं और बिजली की खराब व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चौबीस घंटे बिजली और विदेशों से काला धन का वादा किया गया था, लेकिन कोई वादा पूरा नहीं हो सका। राहुल गांधी ने बस्ती जिले के एक गांव में कुछ दलित परिवारों से भी मिले और उनके यहां खाना खाया।
कांग्रेस उपाध्यक्ष की किसान यात्रा के तीन दिन हो चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के अलावा उनके साथ कांग्रेस महासिचव गुलाम नबी आजाद भी थे। आज सबकी निगाहें राहुल गांधी की अयोध्या यात्रा पर होगी जहां वो हनुमान गढी के दर्शन के लिए तो जाएंगे लेकिन पास ही में करीब एक किमी। की दूरी पर रामलला के दर्शन करते हैं या नहीं।