Rahul Gandhi: 56 साल के हुए राहुल गांधी; पीएम मोदी ने दी बधाई, कांग्रेस नेताओं ने बताया ‘उम्मीद की किरण'
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज 56 साल के हो गए। उनके जन्मदिन के मौके पर एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें जन्मदिन की बधाई है। वहीं, कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी को लोकतंत्र, न्याय और जनसरोकारों की राजनीति का मजबूत चेहरा बताते हुए उनकी सराहना की है।
विस्तार
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संदेश जारी कर राहुल गांधी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने उनके राजनीतिक संघर्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और जनता से जुड़ाव को रेखांकित करते हुए उन्हें बधाई दी।
Best wishes to the Leader of the Opposition in the Lok Sabha, Shri Rahul Gandhi Ji on his birthday. Praying for his good health and long life. @RahulGandhi
— Narendra Modi (@narendramodi) June 19, 2026विज्ञापन
'राहुल गांधी की लंबी उम्र की कामना'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में लिखा, 'लोकसभा में विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी जी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं। उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं।' राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रधानमंत्री की ओर से दिया गया यह संदेश चर्चा का विषय बना हुआ है।
Warm birthday wishes to Shri @RahulGandhi.
— Mallikarjun Kharge (@kharge) June 19, 2026
Your unbridled dedication to the ideals of the Constitution and your uncompromising fight for the unheard voices have inspired millions.
The Congress party’s tradition of inclusiveness, social justice, harmony and compassion finds…
सेंट कोलंबस और फिर दून स्कूल में पढ़ें राहुल
उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सांसद राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को हुआ था। वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के पुत्र हैं। उन्होंने अपना शुरुआती जीवन नई दिल्ली में बिताया। सेंट कोलंबस स्कूल और बाद में दून स्कूल में पढ़ाई करने के दौरान ही उनका परिवार राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया। 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा कारणों से राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा की कुछ समय तक घर पर पढ़ाई भी हुई।
डेवलपमेंट स्टडीज़ में एम.फिल.हैं राहुल
उच्च शिक्षा के लिए राहुल गांधी पहले दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज में पढ़े और बाद में अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय गए। 1991 में अपने पिता राजीव गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों के चलते उन्होंने फ्लोरिडा के रोलिंस कॉलेज में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनिटी कॉलेज से डेवलपमेंट स्टडीज़ में एम.फिल. की डिग्री हासिल की।
मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म मॉनिटर ग्रुप के साथ शुरू किया करियर
शिक्षा पूरी करने के बाद राहुल गांधी ने लंदन स्थित मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म मॉनिटर ग्रुप के साथ अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। भारत लौटने पर उन्होंने मुंबई में टेक्नोलॉजी आउटसोर्सिंग कंपनी ‘बैकऑप्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ की स्थापना की और उसके निदेशक के रूप में कार्य किया।
2004 में राजनीति में आए राहुल
राहुल गांधी ने वर्ष 2004 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर संसद में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा, युवाओं की भागीदारी, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को लगातार उठाया। सितंबर 2007 में उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) का महासचिव बनाया गया और उन्होंने इंडियन यूथ कांग्रेस तथा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के संगठनात्मक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2017 में बने कांग्रेस के अध्यक्ष
जनवरी 2013 में राहुल गांधी कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने और 16 दिसंबर 2017 को उन्होंने पार्टी अध्यक्ष का पद संभाला। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने कई चुनाव लड़े और वह केंद्र की एनडीए सरकार के खिलाफ प्रमुख विपक्षी चेहरों में शामिल रहे। उन्होंने बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। हालांकि 2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के बाद उन्होंने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।
9 जून 2024 को बने नेता प्रतिपक्ष
इसके बाद राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ और ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ जैसे अभियानों के माध्यम से देशभर में व्यापक जनसंपर्क किया। इन यात्राओं ने उन्हें विपक्षी राजनीति के एक प्रमुख चेहरे के रूप में स्थापित किया। 9 जून 2024 को उन्हें आधिकारिक रूप से लोकसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया। यह उनके राजनीतिक जीवन का पहला संवैधानिक पद था और इसके साथ ही लगभग एक दशक से खाली पड़ा विपक्ष के नेता का पद फिर से सक्रिय हुआ।
'कठिन समय में देश के लिए उम्मीद'
राहुल गांधी के जन्मदिन पर केरल के कांग्रेस नेताओं ने भी उन्हें विशेष रूप से बधाई दी। केरल की उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत संदेश साझा करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने भारतीय राजनीति में अभूतपूर्व चुनौतियों, चरित्र हनन के अभियानों और सुनियोजित हमलों का सामना किया है, लेकिन कभी पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा कि संसद सदस्यता रद्द होने और सरकारी आवास खाली करने जैसी परिस्थितियों के बावजूद राहुल गांधी लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के मुद्दों के लिए मजबूती से खड़े रहे। रोजी जॉन ने कहा कि नफरत की राजनीति के विकल्प के रूप में राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के जरिए प्रेम, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। कन्याकुमारी से कश्मीर तक की उनकी पदयात्रा के दौरान उन्होंने आम लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और उनके संघर्षों को समझने का प्रयास किया। उन्होंने राहुल गांधी को लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाने वाला नेता बताया।उन्होंने यह भी कहा कि जब लाखों छात्र नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और अनिश्चितताओं को लेकर चिंतित हैं, तब राहुल गांधी उनकी बात सुनने और उनकी आवाज उठाने के लिए मौजूद हैं। जॉन ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कठिन समय में भी वह देश के लिए उम्मीद की किरण बने हुए हैं।
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'न्याय की राजनीति को मजबूती से आगे बढ़ाने वाले नेता'
केरल सरकार में मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ ने भी राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि वह सत्य और न्याय की राजनीति को मजबूती से आगे बढ़ाने वाले नेता हैं, जो लोगों के अधिकारों के लिए बिना किसी समझौते के संघर्ष करते हैं। श्रम मंत्री बिंदु कृष्णा ने भी राहुल गांधी के साथ अपनी तस्वीर साझा कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके जनोन्मुखी राजनीतिक दृष्टिकोण की सराहना की।