राहुल की इफ्तार पार्टी में नहीं पहुंचा सपा का कोई भी नेता, मनमोहन समेत प्रणब, प्रतिभा ने की शिरकत
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहली इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। राहुल ने इस पार्टी का आयोजन दिल्ली के ताज होटल में किया। जहां धार्मिक और सियासी जमावड़े के साथ ही विपक्ष के नेताओं ने भी शिरकत की। राहुल की इफ्तारी में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रतिभा पाटिल और पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी भी शामिल हुए। बताया जा रहा है कि राहुल ने इस पार्टी में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को नहीं बुलाया। जबकि सपा का कोई भी नेता राहुल की इफ्तार पार्टी में नहीं पहुंचा है।
इस इफ्तार पार्टी में कांग्रेस की ओर से 18 राजनीतिक दलों के नेताओं को न्योता दिया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल की यह पहली इफ्तार पार्टी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस पार्टी से विपक्षी एकजुटता की जमीन मजबूत होगी। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष रहने के दौरान सोनिया गांधी ने 2015 में इफ्तार का आयोजन किया था।
Good food, friendly faces and great conversation make for a memorable Iftar! We were honoured to have two former Presidents, Pranab Da & Smt Pratibha Patil ji join us, along with leaders from different political parties, the media, diplomats and many old & new friends. pic.twitter.com/TM0AfORXQa
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 13, 2018
राहुल गांधी की इफ्तार पार्टी में तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी और आरजेडी के तेजस्वी यादव और एनसीपी के शरद पवार नहीं पहुंचे। जदयू के पूर्व नेता शरद यादव, एनसीपी के नेता दिनेश त्रिवेदी कार्यक्रम में उपस्थित हुए। डीएमके की सांसद कनिमोझी भी इफ्तार पार्टी में पहुंची। वहीं माकपा महासचिव सीताराम येचुरी भी राहुल की इफ्तार पार्टी में पहुंचे।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। एक ओर राहुल भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोल रहे हैं वहीं बढ़ती महंगाई से उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। मुंबई में ही राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि था कि 'महागठबंधन' लोगों की संवेदनाओं की मांग है न कि सिर्फ राजनीतिक। उन्होंने कहा कि पूरा देश आरएसएस और भाजपा की नीतियों से पीड़ित है और वह महागठबंधन के माध्यम से एक होना चाहता है।
जिस तरह से राहुल महागठबंधन की बात कर रहे हैं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल देश में कांग्रेस के घटते कद से परेशान हैं। महागठबंधन के माध्यम वह एकबार फिर से देश में वापसी की कोशिश में जुटे हैं। वहीं इससे पहले राहुल ने पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों पर एक बार फिर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। राहुल ने कहा कि पेट्रोल के बढ़ते दामों ने आम आदमी के जीवन पर बोझ की तरह है।
उन्होंने कहा कि हम सरकार से बार बार पूछ रहे हैं कि पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में क्यों नहीं ला रही है सरकार, इसका बहुत बड़ा कारण है कि सरकार पेट्रोल के दामों को कम करने में रुचि नहीं ले रही है। यही नहीं राहुल कांग्रेस पार्टी से लोगों को जोड़ने का काम भी कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने बांबे हाई कोर्ट के जज अभय थिप्से को कांग्रेस पार्टी में शामिल किया।