शरद यादव बोले- जनता जब खड़ी होती है तो हिटलर भी उससे जीत नहीं सकता
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जनता दल (यू) से बागी हुए शरद यादव के दिल्ली में किए गए शक्ति प्रदर्शन में राजनीति के तमाम बड़े दिग्गज जुटे। शरद यादव ने कहा कि हिंदुस्तान और विश्व की जनता जब खड़ी हो ती है तो कोई हिटलर उसे जीत नहीं सकता है।
दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में 'साझी विरासत बचाओ सम्मेलन' में शरद यादव ने कहा कि लोगों को ये आशंका थी कि कहीं मैं भी बाकी लोगों की तरह खिसक न जाऊं और मंत्री से संतरी न बन जाऊं।
दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में 'साझी विरासत बचाओ सम्मेलन' नाम से आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला समेत कई बड़े दिग्गज प्रदर्शन में पहुंचे।
कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि जेडीयू के असली नेता शरद यादव ही हैं। इस बीच राहुल गांधी ने अपने भाषण के जरिए मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि पीएम मोदी जी ने सत्ता में आने से पहले खूब वादे किए लेकिन आज तक वे पूरे नहीं हुए।
उन्होंने खातों में 15 लाख रुपये आने से लेकर वन रैंक वन पेशन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अगर देश को बचाना है तो हमें एक साथ मिलकर लड़ना होगा। शरद की मुहिम पर जोर देते हुए राहुल ने कहा कि एक तरफ वे लोग हैं जो देश को लूटना चाहते हैं, दूसरी तरफ वे हैं जो इसे बचाना चाहते हैं। इसलिए आज हम सब लोग एकजुट होकर साम्प्रदायिक शक्तियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
राहुल ने भारतीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तिरंगे को सलाम करना इन्होंने सत्ता में आने के बाद सीखा है। साथ ही संघ अपने एजेंडे पर चुनाव नहीं जीत सकता था, लेकिन अब धीरे-धीरे अपने लोगों को सत्ता में घुसाया जा रहा है।
किसानों की हालत का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि किसी न किसी तरीके से करोड़पतियों का कर्ज माफ कर दिया जाता है, लेकिन किसानों की दूर्रदशा किसी को नहीं दिखती।
फारुक अब्दुल्ला ने भी मोदी सरकार को घेरा
इससे पहले भी इसी जगह नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला ने पीएम मोदी पर इशारों में हमला बोला और कहा कि वे देश को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब हमारी जग अंग्रेजों से थी, लेकिन अब लड़ाई अपनो से है। हिंदू-मुसलमान की लड़ाई का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग देश को जोड़ने की बातें करते हैं, लेकिन असल में ये तोड़ रहे हैं।
पाकिस्तानी कहे जाने पर अब्दुल्ला ने खासी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आसानी से बंटवारे के समय पाकिस्तान जाया जा सकता था, लेकिन हम नहीं गए। हम पाकिस्तानी या अंग्रेजी मुसलमान नहीं हैं, हम हिंदुस्तानी हैं।