{"_id":"6a1f147bb69fc53f7e04140b","slug":"rahul-gandhi-met-sarthak-student-who-exposed-the-glitch-in-the-cbse-osm-system-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"CBSE OSM Row: कॉपी जांचने वाली प्रणाली में खुलासा करने वाले सार्थक से मिले राहुल, लिखा- सिद्धांतों पर रहो अडिग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
CBSE OSM Row: कॉपी जांचने वाली प्रणाली में खुलासा करने वाले सार्थक से मिले राहुल, लिखा- सिद्धांतों पर रहो अडिग
Tue, 02 Jun 2026 11:06 PM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:06 PM IST
सार
राहुल गांधी ने सीबीएसई की गड़बड़ियों को उजागर करने वाले छात्र सार्थक सिद्धांत से मुलाकात कर उनका समर्थन किया है। इस बीच सरकार ने सीबीएसई अध्यक्ष को हटाकर जांच के आदेश दिए हैं। राहुल ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो इन जांचकर्ता छात्रों को देशद्रोही कह रहे थे।
विज्ञापन
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सार्थक सिद्धांत छात्र
- फोटो : @RahulGandhi
विस्तार
विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार शाम 17 साल के छात्र सार्थक सिद्धांत से मुलाकात की। सार्थक वही छात्र हैं जिन्होंने अपने ब्लॉग के जरिए सीबीएसई (CBSE) के 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM, कॉपी जांचने की प्रणील) सिस्टम की खरीद में बड़ी गड़बड़ियों का खुलासा किया था। पिछले तीन दिनों में राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से दूसरे ऐसे किशोर जांचकर्ता का समर्थन किया है जो सरकारी सिस्टम की कमियां उजागर कर रहे हैं।
सार्थक और राहुल गांधी की यह मुलाकात बहुत अहम समय पर हुई। इससे कुछ ही घंटे पहले सार्थक ने शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति के सामने अपनी जांच रिपोर्ट पेश की थी। सार्थक की गवाही के तुरंत बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने सीबीएसई के अध्यक्ष को बदल दिया और ओएसएम खरीद की जांच के आदेश दे दिए। सार्थक का दावा है कि उन्होंने सीबीएसई के टेंडरों में कम से कम 15 बड़ी कमियां पकड़ी हैं। उनका आरोप है कि नियमों को जानबूझकर बदला गया ताकि 'कोएम्प्ट एडुटेक' नाम की कंपनी को फायदा मिल सके। हालांकि सीबीएसई और कंपनी ने इन आरोपों को नकारा है, लेकिन बोर्ड ने ओएसएम सिस्टम में गलतियां होने की बात स्वीकार की है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सार्थक के नाम के साथ शब्दों का खेल करते हुए लिखा, 'सार्थक, अपने सिद्धांतों पर अडिग रहो।' उन्होंने सार्थक के लिए '#TenderInvestigator' शब्द का भी इस्तेमाल किया। इससे पहले 31 मई को राहुल ने 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव से मुलाकात की थी। वेदांत ने यह पकड़ा था कि सीबीएसई ने उसके रोल नंबर पर किसी और छात्र की फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका अपलोड कर दी थी। इस खुलासे के बाद बोर्ड को अपनी गलती माननी पड़ी थी।
ये भी पढ़ें: CBSE: पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन के दौरान आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य, अभिभावक के दस्तावेज भी होंगे मान्य
राहुल गांधी ने उन आलोचकों पर भी तंज कसा जो इन छात्रों को देशद्रोही या पाकिस्तानी एजेंट कह रहे थे। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए मजाक में कहा कि ये 17 साल के बच्चे डीप स्टेट एजेंट और आतंकवादी हैं। वेदांत ने राहुल को बताया था कि जब उसने गलत उत्तर पुस्तिका का मुद्दा उठाया, तो उसे पाकिस्तानी एजेंट कहा गया। राहुल ने कहा कि ये बच्चे बहुत बहादुर हैं जिन्होंने सरकार से सीधे सवाल पूछे, लेकिन जवाब के बदले उन्हें अपमान मिला।
सार्थक और वेदांत के साथ 19 साल के निसर्ग अधिकारी भी इस मुहिम का हिस्सा हैं। निसर्ग एक एथिकल हैकर हैं जिन्होंने ओएसएम पोर्टल की सुरक्षा कमियों को उजागर किया था। ये तीनों युवा इस साल परीक्षाओं में हुई बड़ी गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन का चेहरा बन गए हैं। इस विवाद में नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक का मामला भी शामिल है, जिसकी दोबारा परीक्षा 21 जून को होनी है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम का एक ऑनलाइन ग्रुप भी छह जून को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहा है। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने और पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
विज्ञापन
सार्थक और राहुल गांधी की यह मुलाकात बहुत अहम समय पर हुई। इससे कुछ ही घंटे पहले सार्थक ने शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति के सामने अपनी जांच रिपोर्ट पेश की थी। सार्थक की गवाही के तुरंत बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने सीबीएसई के अध्यक्ष को बदल दिया और ओएसएम खरीद की जांच के आदेश दे दिए। सार्थक का दावा है कि उन्होंने सीबीएसई के टेंडरों में कम से कम 15 बड़ी कमियां पकड़ी हैं। उनका आरोप है कि नियमों को जानबूझकर बदला गया ताकि 'कोएम्प्ट एडुटेक' नाम की कंपनी को फायदा मिल सके। हालांकि सीबीएसई और कंपनी ने इन आरोपों को नकारा है, लेकिन बोर्ड ने ओएसएम सिस्टम में गलतियां होने की बात स्वीकार की है।
विज्ञापन
सार्थक, अपने सिद्धांतों पर अडिग रहो।#TenderInvestigator pic.twitter.com/aJoaYev6M8
विज्ञापन विज्ञापन— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 2, 2026
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सार्थक के नाम के साथ शब्दों का खेल करते हुए लिखा, 'सार्थक, अपने सिद्धांतों पर अडिग रहो।' उन्होंने सार्थक के लिए '#TenderInvestigator' शब्द का भी इस्तेमाल किया। इससे पहले 31 मई को राहुल ने 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव से मुलाकात की थी। वेदांत ने यह पकड़ा था कि सीबीएसई ने उसके रोल नंबर पर किसी और छात्र की फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका अपलोड कर दी थी। इस खुलासे के बाद बोर्ड को अपनी गलती माननी पड़ी थी।
ये भी पढ़ें: CBSE: पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन के दौरान आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य, अभिभावक के दस्तावेज भी होंगे मान्य
राहुल गांधी ने उन आलोचकों पर भी तंज कसा जो इन छात्रों को देशद्रोही या पाकिस्तानी एजेंट कह रहे थे। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए मजाक में कहा कि ये 17 साल के बच्चे डीप स्टेट एजेंट और आतंकवादी हैं। वेदांत ने राहुल को बताया था कि जब उसने गलत उत्तर पुस्तिका का मुद्दा उठाया, तो उसे पाकिस्तानी एजेंट कहा गया। राहुल ने कहा कि ये बच्चे बहुत बहादुर हैं जिन्होंने सरकार से सीधे सवाल पूछे, लेकिन जवाब के बदले उन्हें अपमान मिला।
सार्थक और वेदांत के साथ 19 साल के निसर्ग अधिकारी भी इस मुहिम का हिस्सा हैं। निसर्ग एक एथिकल हैकर हैं जिन्होंने ओएसएम पोर्टल की सुरक्षा कमियों को उजागर किया था। ये तीनों युवा इस साल परीक्षाओं में हुई बड़ी गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन का चेहरा बन गए हैं। इस विवाद में नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक का मामला भी शामिल है, जिसकी दोबारा परीक्षा 21 जून को होनी है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम का एक ऑनलाइन ग्रुप भी छह जून को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहा है। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने और पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।