Raghuvansh Prasad Singh Death News: एक दिन पहले भी लालू उन्हें कर रहे थे याद, करीबी से कही ये बात
- लालू प्रसाद यादव से रघुवंश प्रसाद सिंह के थे बेहद करीबी रिश्ते
- दोनों नेताओं में राजनीति से बढ़कर पारिवारिक थे संबंध
- लालू को गरीबों का मसीहा बनाने में निभाई थी बड़ी भूमिका
विस्तार
Raghuvansh Prasad Singh Death: लालू प्रसाद यादव का दाहिना हाथ कहे जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का आज दिल्ली के एम्स निधन हो गया। लालू प्रसाद यादव की 'गरीबों का मसीहा' वाली छवि गढ़ने में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई थी। कुछ दिन पहले ही उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल से इस्तीफा दे दिया था।
हालांकि इसके बाद भी लालू प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी से दूर नहीं समझा और पत्र लिखकर कहा कि वे उन्हें पार्टी से दूर नहीं जाने देंगे। वे सब जल्द ही साथ बैठेंगे और सब ठीक हो जाएगा। रघुवंश प्रसाद यादव की मौत के एक दिन पहले भी लालू प्रसाद
यादव ने पार्टी सांसद मनोज कुमार झा से लगभग पौने घंटे की चर्चा की और इसके दौरान वे सबसे ज्यादा रघुवंश प्रसाद के बारे में हालचाल लेते रहे।
मनोज कुमार झा ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए बताया कि शनिवार देर रात को ही वे लालू प्रसाद यादव से विभिन्न मुददों पर बातचीत कर रहे थे। उनकी लालू प्रसाद यादव से लगभग पौने घंटे तक बातचीत हुई। लेकिन इस पूरी बातचीत में लालू
प्रसाद यादव सबसे ज्यादा समय अपने चालीस साल के सहयोगी रहे रघुवंश प्रसाद सिंह का हालचाल लेते रहे।
उन्होंने कहा कि रघुवंश प्रसाद सिंह का चले जाना आरजेडी, बिहार और देश की राजनीति के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वे बेहद समान्य वेशभूषा और भाषा में समाज के सबसे कमजोर आदमी की बात किया करते थे। वे अपनी छवि से गरीब के संसद में होने का आभास कराते रहे थे।
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि रघुवंश प्रसाद सिंह का जाना लालू प्रसाद यादव के लिए ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं होगी। दोनों नेताओं के बीच के रिश्ते केवल राजनीतिक रिश्ते नहीं थे, बल्कि ये दो बेहद करीबी दोस्तों का
संबंध था जिसमें कोई बड़ा-छोटा नहीं था।
यह कृष्ण-बलराम की जोड़ी थी जो समाज के हित में अपना सब कुछ न्योछावर कर आगे बढ़ती रही और समाज के सबसे गरीब-वंचित को उसका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष करती रही। वैशाली के पूर्व सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह का 74 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
लालू प्रसाद यादव की ही भांति उनकी छवि के सादगी पसंद सामान्य व्यक्ति की रही जिसके कारण वे आमजन के बेहद करीब रहे। लोग उन्हें अपना नेता मानते रहे जो राष्ट्रीय जनता दल की ताकत बना रहा। गणित में डॉक्टरेट की उपाधि रखने वाले प्रोफेसर रघुवंश प्रसाद सिंह की छवि ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। ग्रामीण विकास की महीन समझ रखने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह पूरी तरह समाजवादी विचारधारा को समर्पित थे।