{"_id":"5e43c14d8ebc3ee5dd2951b1","slug":"rafale-fighter-jets-parts-manufacturing-begins-in-nagpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नागपुर: राफेल के कलपुर्जे बनाने का काम शुरू, असेंबलिंग के लिए भेजा जाएगा फ्रांस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
नागपुर: राफेल के कलपुर्जे बनाने का काम शुरू, असेंबलिंग के लिए भेजा जाएगा फ्रांस
Wed, 12 Feb 2020 02:47 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 12 Feb 2020 02:47 PM IST
विज्ञापन
Rafale Fighter Jet India
- फोटो : फाइल (सांकेतिक)
भारत में राफेल विमान के कलपुर्जे बनाने का काम नागपुर में स्थित अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस और फ्रेंच फर्म दसाल्ट एविएशन के संयुक्त उपक्रम वाले प्लांट में शुरू हो गया है। यहां राफेल फाइटर जेट्स के ट्विन इंजन को कवर करने वाले दरवाजों का सेट बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार, 30 हजार करोड़ के 36 राफेल विमान खरीदने के सौदे में रिलायंस डिफेंस को ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट की तीन फीसदी हिस्सेदारी हासिल है। वह विमान के कई छोटे-छोटे कलपुर्जे बना रहा है। इन कलपुर्जों को असेंबलिंग के लिए फ्रांस स्थित दसाल्ट एविएशन की निर्माण इकाई में भेजा जाएगा।
विज्ञापन
सरकार और दसॉल्ट के बीच क्या है करार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2015 में घोषणा की थी कि भारत फ्रांसीसी विमान निर्माता कंपनी से 36 राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदेगा। इसके बाद सितंबर 2016 में भारत ने 7.87 बिलियन यूरो (करीब 58,000 करोड़ रुपये) में 36 नए राफले लड़ाकू जेट खरीदने के लिए फ्रांसीसी सरकार के साथ सीधा सौदा किया। राफेल को 2012 में संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप और रूस से प्रतिद्वंद्वी प्रस्तावों पर चुना गया था।
विज्ञापन
क्या है राफेल विमान
राफेल फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन द्वारा बनाया गया एक लड़ाकू विमान है। दो इंजन राफेल लड़ाकू जेट को शुरुआत से ही एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड अटैक के लिए बहु-भूमिका सेनानी के रूप में डिजाइन किया गया है, परमाणु रूप से सक्षम है और इसका पुनर्निर्माण भी किया जा सकता है। तकनीक में उन्नत यह विमान हवाई टोही, ग्राउंड सपोर्ट, इन डेप्थ स्ट्राइक, एंटी-शर्प स्ट्राइक और परमाणु अभियानों को अंजाम देने में दक्ष है। इसमें मल्टी मोज रडार लगे हैं।
Trending Videos
राफेल की खूबियां
- राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है।
- अधिकतम भार उठाकर इसके उड़ने की क्षमता 24500 किलोग्राम है।
- विमान में फ्यूल क्षमता- 17,000 किलोग्राम किलोग्राम है।
- यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है। हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता।
- 24,500 किलो उठाकर ले जाने में सक्षम और 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान की गारंटी।
- 150 किमी की बियोंड विजुअल रेंज मिसाइल, हवा से जमीन पर मार वाली स्कैल्प मिसाइल।
- स्कैल्प मिसाइल की रेंज 300 किमी, हथियारों के स्टोरेज के लिए 6 महीने की गारंटी।
- राफेल की अधिकतम स्पीड 2,130 किमी/घंटा और 3700 किलोमीटर तक मारक क्षमता।
- 1 मिनट में 60,000 फुट की ऊंचाई और 4.5 जेनरेशन के ट्विन इंजन से लैस।
- 75 फीसदी विमान हमेशा ऑपरेशन के लिए तैयार हैं, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।
- राफेल को अफगानिस्तान, लीबिया, माली और इराक में इस्तेमाल किया जा चुका है।