2019 में जा रहे हैं 'राफेल' व 'अगस्ता वेस्टलैंड'...जानिये कैसे
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साल 2018 में जबरदस्त तरीके से मीडिया की सुर्खियां बटारने वाले लड़ाकू जहाज 'राफेल' और वीवीआईपी हेलीकॉप्टर 'अगस्ता वेस्टलैंड' चंद घंटों बाद 2019 में प्रवेश कर जाएंगे। इन्हें लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जो जंग छिड़ी है, उससे यह साफ हो गया है कि अगले साल, खासतौर से पहले चार-पांच महीने जब तक लोकसभा चुनाव नहीं हो जाते, ये दोनों मुद्दे यूं ही छाए रहेंगे। राफेल' को लेकर कांग्रेस पार्टी नए साल में प्रवेश करेगी तो वहीं भाजपा ने अपने हाथ में'अगस्ता वेस्टलैंड' उठाकर आगे बढ़ने का निर्णय ले लिया है।
कांग्रेस पार्टी पहले ही कह चुकी है कि कथित राफेल घोटाला लोकसभा चुनाव में हमारा मुख्य मुद्दा रहेगा।पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी यह कहते हुए कि 'चौंकीदार चोर है' इस मुद्दे पर कई प्रेसवार्ता कर चुके हैं। इसके अलावा आए दिन दूसरे कांग्रेसी भी किसी न किसी तरीके से राफेल को लेकर मोदी सरकार को घेरने के प्रयासों में लगे रहते हैं। भाजपाई, कई माह से कथित अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर मामले में कांग्रेस पर दोषारोपण करने में लगे हैं। हेलीकॉप्टर सौदे के बिचौलिए मिशेल क्रिश्चियन को जब भारत लाया गया तभी से भाजपा इस मामले में कांग्रेस पार्टी पर हमलावर हो गई।
पार्टी के टॉप लीडर्स से लेकर जिला स्तर तक के कार्यकर्ता इस मामले में कांग्रेस को घेर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अपनी रैलियों में अगस्ता वेस्टलैंड को लेकर कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष तौर से हमला कर चुके हैं।उन्होंने यहां तक कहा है कि कुछ लोगों को अब जेल दिखाई दे रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में 'मिसेज गांधी' शब्द आने के बाद भाजपा पूरी तरह से कांग्रेस पार्टी को अगस्ता वेस्टलैंड मामले के लिए कसूरवार ठहरा रही है।
कोर्ट से बाहर जनता के बीच पहुंचेंगे 'राफेल' व 'अगस्ता वेस्टलैंड'
साल के आखिरी दिन पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी बोले
अगस्ता वेस्टलैंड मामले में कांग्रेस के पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का बचाव किया है। एंटनी ने कहा कि भाजपा सरकार अपने झूठ को सही साबित करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने रक्षा सौदों में कभी हस्तक्षेप नहीं किया। अधिकारियों की टीम द्वारा मूल्यांकन के बाद अगस्ता वेस्टलैंड को चुना गया था। भाजपा पर हमलावर होते हुए एंटनी ने कहा, हमें जैसे ही किसी रक्षा सौदे में भ्रष्टाचार की सूचना मिली, उसकी जांच शुरू कर दी गई। इसके तहत पांच-छह बड़ी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया गया। बतौर एंटनी, इटली से जैसे ही रिपोर्ट आई कि इस सौदे में भ्रष्टाचार हुआ है, तो उसी वक्त मैंने सीबीआई जांच के आदेश जारी कर दिए।तत्कालीन यूपीए सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड के खिलाफ इटली में न केवल केस लड़ा, बल्कि उसे जीता भी।
कोर्ट से बाहर जनता के बीच पहुंचेंगे 'राफेल' व 'अगस्ता वेस्टलैंड'
दोनों पार्टियों ने यह इशारा कर दिया है कि कोर्ट का फैसला जो भी रहे, मगर ये मुद्दे 2019 में जनता के बीच जाएंगे। कांग्रेस पार्टी पहले ही कह चुकी है कि भाजपा अपने प्रभाव से जांच एजेंसियों को मन-माफ़िक बयान देने के लिए कह रही है। यही वजह है कि वे राफेल को जनता की अदालत में लेकर जाएंगे। दूसरी ओर भाजपा भी कह चुकी है कि अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में कथित तौर पर कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हाथ है। इस मसले पर भाजपा ने अपने केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और पार्टी के अन्य पदाधिकारियों को कांग्रेस पर हमला बोलने के लिए कह दिया है।
राफेल के मामले में जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो पार्टी ने देश में सत्तर से अधिक जगहों पर प्रेसवार्ता कर कांग्रेस पार्टी को घेरा।उधर, राहुल गांधी ने भी राफेल डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमला तेज कर दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर राफेल की जांच शुरू हो जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बच नहीं पाएंगे।उन्होंने कहा कि राफेल 'ओपन एंड शट' केस है, यह साफ-साफ पीएम मोदी और अनिल अंबानी के बीच की साझेदारी का मामला है।