RAC कन्फर्म कराना हो सकता है मुश्किल
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रेलवे एक तरफ कॉस्ट प्राइस पर किराया बढ़ाने की कवायद में है तो दूसरी तरफ बिना किराया बढ़ाए आय बढ़ाने की तरकीब भी ढूंढने में लगा है। रेलवे मंत्रालय ट्रेनों में आरएसी (रेलवे एगेंस्ट कैंसिलेशन) कोटा बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
संभव है कि एक कोच में चार की जगह छह बर्थ को आरएसी कोटा के तहत कर दिया जाए। यात्रियों को कंफर्म बर्थ देने का दावा करने वाला रेलवे अब लंबी दूरी की यात्रा बैठाकर यात्रियों को तय करने की कवायद में है।
रेलवे का तर्क है कि इससे कम से कम बैठकर यात्री यात्रा कर सकेंगे। दूसरा फायदा यह भी होगा कि एक बर्थ पर जब दो व्यक्ति बैठकर यात्रा करेंगे तो रेलवे की आय में थोड़ी बढ़ोतरी होगी। क्योंकि दोनों बर्थ वालों से आरक्षण चार्ज छोड़कर पूरी रकम वसूली जाएगी।
पूरा बर्थ मिल जाएगा तो यह बेहद मुश्किल हो सकता है
लिहाजा आरएसी टिकट लेने वाले अगर ये सोचेंगे कि उनको पूरा बर्थ मिल जाएगा तो यह बेहद मुश्किल हो सकता है। हालांकयि इस नियम को अमली-जामा पहनना आसान नहीं होगा। बता दें कि फिलहाल साइड बर्थ वाली चार सीट ही आरएससी के लिए रिजर्व रखी जाती हैं, अब इसे बढ़ाकर छह करने पर विचार चल रहा है। एक कोच में साइड बर्थ कुल आठ रहते हैं।
उधर, रेलवे पर कॉस्ट प्राइस के आधार पर यात्रा किराए में वृद्धि करने का दबाव भी बन रहा है। केंद्र सरकार की योजना है कि किराए में मिलने वाले यात्रियों की सब्सिडी को खत्म कर दिया जाए। किराया बढ़ाने का कारण यह बताया जाए कि रेलवे अपनी लागत का खर्च ही यात्रियों पर बोझ बढ़ाकर निकाल रहा है। पिछले दिनों विभिन्न मंत्रालय के सचिव स्तर की बैठक में इसपर विचार किया गया था। रेलवे बोर्ड को भी इसे लेकर तैयारी करने को कहा गया है।