{"_id":"6580f1bbc82c78c0380b7de6","slug":"qila-katas-62-visas-for-pilgrims-to-visit-katasraj-temples-of-pakistan-journey-from-19-25-december-2023-12-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Qila Katas: पाकिस्तान के कटासराज मंदिरों के दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों को 62 वीजा, 19-25 दिसंबर तक है यात्रा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Qila Katas: पाकिस्तान के कटासराज मंदिरों के दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों को 62 वीजा, 19-25 दिसंबर तक है यात्रा
Tue, 19 Dec 2023 06:58 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 19 Dec 2023 06:58 AM IST
सार
1974 के धार्मिक तीर्थस्थलों की यात्रा पर भारत-पाकिस्तान प्रोटोकॉल के तहत, भारत से हजारों सिख-हिंदू तीर्थयात्री हर साल विभिन्न धार्मिक अवसरों पर पाकिस्तान जाते हैं।
विज्ञापन
कटासराज
विस्तार
पाकिस्तान उच्चायोग ने पंजाब प्रांत के चकवाल जिले में किला कटास के नाम से जाने जानेवाले श्री कटासराज मंदिरों के दर्शन के लिए नई दिल्ली में भारतीय तीर्थयात्रियों को 62 वीजा जारी किए। भारतीय हिंदू तीर्थयात्री इस साल 19-25 दिसंबर तक पाकिस्तान की यात्रा करेंगे।
विज्ञापन
नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रभारी एजाज खान ने इसकी पुष्टि करते हुए तीर्थयात्रियों की सुरक्षित यात्रा की कामना की। इस माह की शुरुआत में, पाकिस्तानी उच्चायोग ने सिंध के शदानी दरबार हयात पिताफी में शिव अवतारी सतगुरु संत शदाराम साहिब की 315वीं जयंती के समारोह में भाग लेने के लिए भारतीय हिंदू तीर्थयात्रियों को 104 वीजा जारी किए थे।
विज्ञापन
1974 के धार्मिक तीर्थस्थलों की यात्रा पर भारत-पाकिस्तान प्रोटोकॉल के तहत, भारत से हजारों सिख-हिंदू तीर्थयात्री हर साल विभिन्न धार्मिक अवसरों पर पाकिस्तान जाते हैं।
विज्ञापन
करतारपुर में पांच मंजिला दर्शन रिजॉर्ट बनाएगा पाकिस्तान
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब के करीब एक 'दर्शन रिजॉर्ट' की योजना बना रही है। इससे सिख तीर्थयात्रियों को पवित्र स्थल का भव्य दृश्य दिखाया जा सकेगा।
पर्यटन सचिव राजा जहांगीर अनवर ने कहा, 30 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की अनुमानित लागत से इसका निर्माण अगले माह शुरू होगा और 2024 के अंत तक यह तैयार हो जाएगा। इसकी परिकल्पना दुनियाभर से आने वाले सिखों की सुविधा के लिए की गई है।