फेसबुक डाटा लीक मामला: भारत में सबसे ज्यादा यूजर, जानिए आरोप साबित हुए तो क्या होगा
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सात समुंदर पार से आई एक खबर ने देश के 25 करोड़ फेसबुक यूजरों की चिंता बढ़ा दी है। खबर यह है कि डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जितवाने के लिए इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के 5 करोड़ यूजरों की निजी जानकारियों का दुरुपयोग किया गया। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या भारत में भी ऐसा हो सकता है। इसकी आशंका में चौकन्नी सरकार ने हर कदम उठाने की घोषणा की है। इसके मद्देनजर पूरे प्रकरण पर एक नजर डालते हैं :
फेसबुक अपनी स्थापना के महज 14 साल के भीतर ही दुनिया की सबसे ताकतवर कंपनी बन चुकी है। फेसबुक के 33 वर्षीय सीईओ मार्क जुकरबर्ग सबसे कठिन चुनौती का सामना कर रहे हैं। पिछले दो दिन में कंपनी के शेयरों में लगभग 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है और उसके निवेशकों को 60 अरब डॉलर (लगभग 39 खरब रुपये) की चपत भी लग चुकी है।
क्या है वजह
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स और ब्रिटेन के ऑब्जर्वर ने संयुक्त जांच की। जिसमें यह खुलासा हुआ है कि ब्रिटेन की कैंब्रिज एनालिटिका नामक कंपनी ने फेसबुक के पांच करोड़ यूजरों के बारे में जानकारियों का बिना उनके अनुमति के दुरुपयोग किया। यह सब 2016 के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति बनवाने के लिए किया गया। कंपनी ने इन जानकारियों के आधार पर एक ऐप के जरिए वोटरों के व्यवहार की भविष्यवाणी की थी। मीडिया में यह खुलासा कैंब्रिज एनालिटिका के ही एक कर्मचारी क्रिस्टोफर वाइली ने की है, लेकिन उसके बाद से वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।
किसने बनाया था यह ऐप
कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान के प्रोफेसर अलेक्सांद्र कोगन की कंपनी ग्लोबल साइंस रिसर्च ने पर्सनालिटी पर शोध करने के लिए 2014 में ‘दिसइजयोरडिजिटललाइफ’ नाम का एक ऐप बनाया था। फेसबुक के 2.70 लाख यूजरों ने इस ऐप को डाउनलोड किया, लेकिन कंपनी ने उनके दोस्तों की जानकारियों को भी हासिल कर लिया और इस तरह उसके पास 50 करोड़ यूजरों का आंकड़ा इकट्ठा हो गया।
अगर आरोप साबित हुए तो ये हो सकता है
उन आंकड़ों का क्या हुआ
ग्लोबल साइंस रिसर्च ने यह सारी जानकारी कैंब्रिज एनालिटिका को दे दी। जिसने इसका इस्तेमाल न सिर्फ अमेरिका के चुनाव में वोटरों को प्रभावित करने के लिए किया बल्कि यूरोपीय यूनियन से ब्रिटेन के अलग होने के जनमत संग्रह पर भी असर डाला। यह आरोप लगने के बाद कंपनी के सीईओ अलेक्सांद्र निक्स को निलंबित कर दिया गया है।
आरोप साबित हुए तो क्या होगा
अमेरिका का फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) इस बात की जांच कर रहा है कि क्या फेसबुक ने यूजरों की जानकारी जुटाने और उन्हें तीसरे स्रोत के साथ साझा करने की शर्त का उल्लंघन किया है। अगर यह साबित हो जाता है, तो हर उल्लंघन पर 40 हजार डॉलर (लगभग 26 लाख रुपये) के दंड का भुगतान करना होगा।
पूर्व कर्मी की चेतावनी को किया नजरअंदाज
कंपनी के प्लेटफॉर्म ऑपरेशंस मैनेजर सैंडी पैराकिलास ने 2012 में ही चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि डाटा प्रोटेक्शन के ढीले-ढाले नियमों के कारण यूजरों की जानकारियां चोरी होने का खतरा है। सॉफ्टवेयर और ऐप डेवलपरों द्वारा फेसबुक यूजरों की जानकारियों के दुरुपयोग पर नजर रखने की जिम्मेदारी इसी कंपनी की है। लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने सैंडी से कहा था कि उन्हें इस मामले में ज्यादा गहराई में जाने की जरूरत है। सैंडी का दावा है कि फेसबुक डाटा चोरी को रोका जा सकता था।
जुकरबर्ग से होगी पूछताछ
अमेरिकी कांग्रेस मार्क जुकरबर्ग को इस डाटा घोटाले के बारे में पूछताछ के लिए तलब कर चुकी है। ब्रिटेन की संसद और यूरोपीय आयोग भी उनसे पूछताछ कर सकते हैं।
व्हाट्स एप के सह संस्थापक ने कहा, डिलीट कर दो फेसबुक एकाउंट
वहीं व्हाट्स एप के सह संस्थापक ब्रायन एक्टन ने बुधवार को किए गए ट्विट में अपने फालोअर्स से कहा है कि वे अपना फेसबुक एकाउंट डिलीट कर दें। मालूम हो कि एक्टन ने वर्ष 2014 में व्हाट्स एप को 16 अरब डॉलर में फेसबुक के हाथों बेच दिया था।
भारत में सबसे ज्यादा यूजर
देश यूजर संख्या (करोड़ में)
भारत 25
अमेरिका 23
ब्राजील 13
इंडोनेशिया 13
मैक्सिको 8.3
यूके 4.4
फेसबुक की कमाई पर नहीं पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 500 अरब डॉलर बाजार मूल्य वाली कंपनी बन चुकी फेसबुक की विज्ञापन आय पर इस विवाद का कोई खास असर नहीं पड़ेगा। एक अनुमान के मुताबिक इस साल उसकी विज्ञापन आय में 22 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय डिजिटल विज्ञापन में उसकी हिस्सेदारी 18 फीसदी हो जाएगी।
ऐसे कर सकते हैं निजता की रक्षा
कैसे करें निजता की रक्षा
इसमें कोई शक नहीं है कि फेसबुक यूजर की हर छोटी-बड़ी जानकारी गलत लोगों के हाथ लग सकती है जो उसका दुरुपयोग कर सकते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इस सोशल मीडिया प्लेटफार्म का लाभ उठाते हुए अपनी निजता की रक्षा कैसे करें। इसका राज उसकी सेटिंग में छुपा हुआ है।
- वेब ब्राउजर पर फेसबुक में लॉग इन करें।
- स्क्रीन के शीर्ष पर दाहिनी तरफ सेटिंग टैब पर क्लिक करें।
- अब बाईं तरफ के ऐप टैब पर क्लिक करते के साथ ही आपको वे सारे ऐप नजर आएंगे जो आपके फेसबुक एकाउंट से जुड़े हुए हैं।
- हर ऐप पर क्लिक करते जाइए, आपको पता चल जाएगा कि किस ऐप को आपने कौन सी जानकारी शेयर करने की अनुमति दी है।
- अब आप उन सारी जानकारियों के आगे दिए गए विकल्प में सही विकल्प का चुनाव कर किसी भी सूचना को रोक सकते हैं।
- आप उन ऐप को डिएक्टिवेट भी कर सकते हैं जो आपके काम के नहीं हैं।
- अपने पोस्ट और जानकारियां शेयर करने वाले दोस्तों की संख्या सीमित कीजिए।
- इसके बावजूद भी आपको लगता है कि आपकी निजता खतरे में है तो आप अपना एकाउंट डिलीट भी कर सकते हैं।
हालांकि फेसबुक का हेल्प सेंटर इसमें आपकी मदद करेगा।