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देवरिया जेल में भूख हड़ताल पर कैदी, तनाव बरकरार
ब्यूरो/अमर उजाला, देवरिया
Updated Thu, 28 Apr 2016 04:12 AM IST
सार
- रात भर थर्ड डिग्री के इस्तेमाल से मुलाकातियों में आक्रोश
- प्रशासन ने नकारी हड़ताल की बात, जांच के लिए भेजी टीम
- डीआईजी ने शुरू की जेल में बवाल की जांच
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रात भर थर्ड डिग्री के इस्तेमाल से मुलाकातियों में आक्रोश
- फोटो : amar ujala bureau
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विस्तार
देवरिया जिला जेल में पहले बंदी गुटों में भिड़ंत और फिर कारागार प्रशासन और पुलिस पर बंदियों के हमले से उपजे बवाल के 24 घंटे बाद भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। जेल प्रशासन की कड़ाई के विरोध में बंदियों के बड़े समूह ने खाने का बहिष्कार करते हुए भूख हड़ताल जैसे तेवर अपना लिए हैं।
बताते हैं कि मंगलवार को जेल में दिन भर का उत्पात थमने के बाद रात में उपद्रवियों में शुमार बंदियों की पुलिस और जेल स्टाफ ने जमकर तुड़ाई की। इससे कई बंदियों के बुरी तरह चोटिल होने से खफा अन्य बंदियों ने भी सुबह से खाने के बहिष्कार का एलान कर दिया। बुधवार को मिलाई करने वाले कई बंदियों के घर वालों ने थर्ड डिग्री के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए प्रशासन के प्रति आक्रोश जताया है।
एक दिन पहले की घटना ने बुधवार को जेल पर मुलाकातियों की लंबी कतार का नजारा पैदा कर दिया। जेल बंदियों में शामिल अपनों का हाल जानने के लिए जिले ही नहीं आसपास के इलाकों से भी लोग पहुंचे। बंदियों से मुलाकात के बाद जेल से बाहर आने के बाद तमाम लोगों ने मीडिया से बातचीत में भीतर के हालात प्रतिकूल बताए।
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उन्होंने कहा कि सबक देने के नाम पर रात भर बंदियों के बड़े समूह को बुरी तरह पीटा गया है। इनमें से बुरी तरह चोटिल हुए बंदियों को जहां सुबह दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए भी दूसरों का सहारा लेना पड़ा, वहीं जेल के अस्पताल में भी इलाज कराने वालों की भरमार है। एक दिन पहले की तोड़फोड़ और गैर सिलेंडरों से आगजनी किए जाने के कारण जेल की मेस तहस नहस हो जाने से सुबह के नाश्ते की सही व्यवस्था न होने की बात भी चर्चा में रही।
इसके अलावा सख्ती के नाम पर रात में पिटाई को मुद्दा बनाते हुए सुबह से ही कई बंदियों ने खाने के बहिष्कार का एलान कर दिया। मिलाई करने वाले परिजनों का कहना है कि भूख हड़ताल करने वालों की संख्या 100 के आसपास है। वे तीनों समय के भोजन-नाश्ते के बहिष्कार की जिद पर शाम तक अड़े थे।
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बताते हैं कि मंगलवार को जेल में दिन भर का उत्पात थमने के बाद रात में उपद्रवियों में शुमार बंदियों की पुलिस और जेल स्टाफ ने जमकर तुड़ाई की। इससे कई बंदियों के बुरी तरह चोटिल होने से खफा अन्य बंदियों ने भी सुबह से खाने के बहिष्कार का एलान कर दिया। बुधवार को मिलाई करने वाले कई बंदियों के घर वालों ने थर्ड डिग्री के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए प्रशासन के प्रति आक्रोश जताया है।
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एक दिन पहले की घटना ने बुधवार को जेल पर मुलाकातियों की लंबी कतार का नजारा पैदा कर दिया। जेल बंदियों में शामिल अपनों का हाल जानने के लिए जिले ही नहीं आसपास के इलाकों से भी लोग पहुंचे। बंदियों से मुलाकात के बाद जेल से बाहर आने के बाद तमाम लोगों ने मीडिया से बातचीत में भीतर के हालात प्रतिकूल बताए।
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उन्होंने कहा कि सबक देने के नाम पर रात भर बंदियों के बड़े समूह को बुरी तरह पीटा गया है। इनमें से बुरी तरह चोटिल हुए बंदियों को जहां सुबह दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए भी दूसरों का सहारा लेना पड़ा, वहीं जेल के अस्पताल में भी इलाज कराने वालों की भरमार है। एक दिन पहले की तोड़फोड़ और गैर सिलेंडरों से आगजनी किए जाने के कारण जेल की मेस तहस नहस हो जाने से सुबह के नाश्ते की सही व्यवस्था न होने की बात भी चर्चा में रही।
इसके अलावा सख्ती के नाम पर रात में पिटाई को मुद्दा बनाते हुए सुबह से ही कई बंदियों ने खाने के बहिष्कार का एलान कर दिया। मिलाई करने वाले परिजनों का कहना है कि भूख हड़ताल करने वालों की संख्या 100 के आसपास है। वे तीनों समय के भोजन-नाश्ते के बहिष्कार की जिद पर शाम तक अड़े थे।
उपद्रवी तेवर वाले 17 बंदी चिह्नित
उपद्रवी तेवर वाले 17 बंदी चिह्नित
- फोटो : amar ujala bureau
जेल प्रशासन ने भीतर ऐसी स्थितियों से इन्कार किया है। जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल का कहना है कि अधिकारियों की निगरानी में सभी के भोजन कराया गया है। हालांकि उन्होंने बुधवार को बंदियों की जांच के लिए जिला अस्पताल की मेडिकल टीम भेजने की बात स्वीकार की। इसकी वजह कल के बवाल में जख्मी बंदियों का उपचार बताई।
डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ला ने बुधवार को काफी समय देवरिया जेल में गुजारा। बंदियों और स्टाफ के बयान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अमर उजाला से बातचीत में बुधवार को जेल का माहौल सामान्य होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि यही वजह है कि हर बंदी को मुलाकातियों से मिलने का पूरा मौका दिया गया। कहा कि सारे बंदी दोषी नहीं है। उपद्रवी तेवर वाले 17 बंदी चिह्नित किए गए हैं। जांच के क्रम में फिलहाल देवरिया में ही कैंप किया जाएगा।
'जेल के हालात सामान्य हैं। सभी बंदियों को भोजन दिया जा रहा है, वे खा-पी रहे हैं। भूख हड़ताल जैसी कोई बात नहीं है। मुमकिन है कुछ मुलाकाती भूख हड़ताल का गलत प्रचार कर रहे हों। पूरी स्थिति पर प्रशासन की नजर है।'
- अनीता श्रीवास्तव, डीएम
डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ला ने बुधवार को काफी समय देवरिया जेल में गुजारा। बंदियों और स्टाफ के बयान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अमर उजाला से बातचीत में बुधवार को जेल का माहौल सामान्य होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि यही वजह है कि हर बंदी को मुलाकातियों से मिलने का पूरा मौका दिया गया। कहा कि सारे बंदी दोषी नहीं है। उपद्रवी तेवर वाले 17 बंदी चिह्नित किए गए हैं। जांच के क्रम में फिलहाल देवरिया में ही कैंप किया जाएगा।
'जेल के हालात सामान्य हैं। सभी बंदियों को भोजन दिया जा रहा है, वे खा-पी रहे हैं। भूख हड़ताल जैसी कोई बात नहीं है। मुमकिन है कुछ मुलाकाती भूख हड़ताल का गलत प्रचार कर रहे हों। पूरी स्थिति पर प्रशासन की नजर है।'
- अनीता श्रीवास्तव, डीएम