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नई दिल्ली: लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलॉइस ने पीएम मोदी से की मुलाकात, दोनों देशों के संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार
Tue, 27 Oct 2026 01:13 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Tue, 27 Oct 2026 01:13 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों के संबंध मजबूत करने पर चर्चा हुई। प्रिंस एलॉइस ने इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, वित्तीय सेवाओं, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं जताईं।
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लिकटेंस्टीन के राजकुमार, राजकुमारी और पीएम मोदी
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस के साथ प्रतिनिधिमंडल-स्तर की बातचीत की। प्रिंस एलॉइस की यह भारत की दूसरी राजकीय यात्रा थी। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस और हेरेडिटरी प्रिंसेस सोफी से मुलाकात की थी।
राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की
इस बीच, शाही जोड़े ने राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां उन्होंने पुष्पांजलि समारोह में भाग लिया और आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
विदेश मंत्री ने क्या कहा?
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राजकीय यात्रा के दौरान प्रिंस एलोइस से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ती गति पर प्रकाश डाला। एक्स पर एक पोस्ट में, जयशंकर ने कहा, 'भारत की राजकीय यात्रा पर आए लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस से मुलाकात करना मेरे लिए खुशी की बात है।'
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उन्होंने आगे कहा, 'भारत- ईएफटीए टीईपीए से मिले अवसरों की बदौलत, हमारे द्विपक्षीय संबंधों में कई क्षेत्रों में काफी तेजी आ रही है।' जयशंकर ने यह भी कहा कि वे द्विपक्षीय सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए हेरेडिटरी प्रिंस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली मुलाकात को लेकर आशान्वित हैं।
यह बात तब सामने आई जब हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस ने अपनी पत्नी, हेरेडिटरी प्रिंसेस सोफी के साथ खड़े होकर मंगलवार को कहा कि भारत में उनकी राजकीय यात्रा, नई दिल्ली के साथ लिचटेनस्टीन के संबंधों के महत्व को दिखाती है।
प्रिंस एलॉइस ने क्या कहा?
हेरेडिटरी प्रिंस ने यह टिप्पणी राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक औपचारिक स्वागत समारोह के दौरान की, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाही जोड़े का स्वागत किया। हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस ने कहा, 'इस अद्भुत देश की राजकीय यात्रा के अवसर पर भारत में आकर मैं खुद को बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह ऐतिहासिक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि लिकटेंस्टीन भारत के साथ अपने संबंधों को कितनी अहमियत देता है। भारत के साथ 'ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट' (TEPA) का होना, जो एक साल पहले लागू हुआ था, इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।'
उन्होंने कहा, 'हम इस गति को आगे बढ़ाने और भारत के साथ अपने संबंधों को और भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विशेष रूप से, हम इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, वित्तीय सेवाओं, शिक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में अपने आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की अपार संभावनाएं देखते हैं।'
हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस ने कहा, 'इन और कई अन्य क्षेत्रों में, हमारे दोनों देशों के पास ऐसी खूबियां हैं जो एक-दूसरे की पूरक हैं। हम इन खूबियों को एक साथ लाकर अपने दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचा सकते हैं।'
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राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की
इस बीच, शाही जोड़े ने राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां उन्होंने पुष्पांजलि समारोह में भाग लिया और आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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विदेश मंत्री ने क्या कहा?
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राजकीय यात्रा के दौरान प्रिंस एलोइस से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ती गति पर प्रकाश डाला। एक्स पर एक पोस्ट में, जयशंकर ने कहा, 'भारत की राजकीय यात्रा पर आए लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलोइस से मुलाकात करना मेरे लिए खुशी की बात है।'
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उन्होंने आगे कहा, 'भारत- ईएफटीए टीईपीए से मिले अवसरों की बदौलत, हमारे द्विपक्षीय संबंधों में कई क्षेत्रों में काफी तेजी आ रही है।' जयशंकर ने यह भी कहा कि वे द्विपक्षीय सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए हेरेडिटरी प्रिंस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली मुलाकात को लेकर आशान्वित हैं।
यह बात तब सामने आई जब हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस ने अपनी पत्नी, हेरेडिटरी प्रिंसेस सोफी के साथ खड़े होकर मंगलवार को कहा कि भारत में उनकी राजकीय यात्रा, नई दिल्ली के साथ लिचटेनस्टीन के संबंधों के महत्व को दिखाती है।
प्रिंस एलॉइस ने क्या कहा?
हेरेडिटरी प्रिंस ने यह टिप्पणी राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक औपचारिक स्वागत समारोह के दौरान की, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाही जोड़े का स्वागत किया। हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस ने कहा, 'इस अद्भुत देश की राजकीय यात्रा के अवसर पर भारत में आकर मैं खुद को बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह ऐतिहासिक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि लिकटेंस्टीन भारत के साथ अपने संबंधों को कितनी अहमियत देता है। भारत के साथ 'ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट' (TEPA) का होना, जो एक साल पहले लागू हुआ था, इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।'
उन्होंने कहा, 'हम इस गति को आगे बढ़ाने और भारत के साथ अपने संबंधों को और भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विशेष रूप से, हम इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, वित्तीय सेवाओं, शिक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में अपने आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की अपार संभावनाएं देखते हैं।'
हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस ने कहा, 'इन और कई अन्य क्षेत्रों में, हमारे दोनों देशों के पास ऐसी खूबियां हैं जो एक-दूसरे की पूरक हैं। हम इन खूबियों को एक साथ लाकर अपने दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचा सकते हैं।'