ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर कई बार बोले हैं मोदी, 7 ऐसे वचन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर पहली बार अपनी राय सामने रखी। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में 'महापरिवर्तन रैली' को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं। साथ ही मोदी ने 'हिंदू परिवारों में कन्या भ्रूण हत्या' की बात को भी उठाया और इस पर चिंता जाहिर की। नरेंद्र मोदी के भाषण की सात मुख्य बातें:
1. कन्या भ्रूण हत्या एक पाप है। मेरी सरकार ने इसे रोकने के लिए कई प्रयास किए हैं। हमें अपनी बेटियों, मांओं और बहनों को बचाना जरूरी है। इसमें धर्म आडे नहीं आना चाहिए। मांओं और बहनों का सम्मान करना चाहिए।"
2. अब ये ट्रिपल तलाक का मुद्दा आ गया है। जैसे कोई हिंदू, कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराध में लिप्त होता है तो उसे जेल जाना पडता है उसी तरह से मेरी मुसलमान बहनों का क्या अपराध कि कोई फोन पर तलाक कह देता है और उनकी जिंदगी तबाह हो जाती है।
3. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है कि महिलाओं पर किसी तरह की ज्यादती नहीं होनी चाहिए और धर्म के आधार पर किसी महिला के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
4. लोकतंत्र में बातचीत होनी चाहिए। सरकार ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। वो लोग जो ट्रिपल तलाक के मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहते हैं, ऐसे लोग जनता को भडका रहे हैं। हमारे देश में मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी ट्रिपल तलाक से बर्बाद होने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
5. कुछ पार्टियां वोट बैंक की खातिर 21 वीं सदी में महिलाओं के प्रति अन्याय करने पर उतारू हैं। ये किस तरह का इंसाफ है।
6. राजनीति और चुनाव की अपनी जगह है लेकिन मुस्लिम महिलाओं को संविधान के मुताबिक अधिकार देना सरकार की और देश के लोगों की जिम्मेदारी है।
7. तलाक के मुद्दे पर बहस में मुस्लिम समुदाय के उऩ पढे लिखे लोगों को हिस्सा लेना चाहिए जो कुरान की अच्छी जानकारी रखते हों। मुस्लिम समुदाय में भी प्रगतिशील सोच रखने वाले पढे लिखे लोग हैं। शिक्षित मुस्लिम महिलाएं भी इस मुद्दे पर अपने विचार रख सकती हैं।