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महर्षि वाल्मीकि जयंती: पीएम मोदी ने देशवासियों को दीं शुभकामनाएं, कहा- उनके सद्विचार संस्कृति के मूल तत्व
Mon, 26 Oct 2026 08:24 AM IST
नितिन गौतम
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 26 Oct 2026 08:24 AM IST
सार
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को महर्षि वाल्मिकी जयंती की शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, सद्विचार भारतीय संस्कृति और विरासत के मूल तत्व रहे हैं, जो हर युग में राष्ट्र को पुष्पित-पल्लवित करते रहेंगे।
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महर्षि वाल्मीकि की जयंती के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के सद्विचार भारतीय संस्कृति और विरासत के मूल तत्व रहे हैं, जो हर युग में राष्ट्र को पुष्पित-पल्लवित करते रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'आप सभी को महर्षि वाल्मीकि जयंती की असीम शुभकामनाएं। उनके सद्विचार भारतीय संस्कृति और विरासत के मूल तत्व रहे हैं, जो हर युग में राष्ट्र को पुष्पित-पल्लवित करते रहेंगे। मानवता के लिए उनके अनमोल संदेश देशवासियों के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे।'
पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषितम भी साझा किया
पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में 'संस्कृत सुभाषितम' भी शेयर किया, जिसमें लिखा, 'तामभ्यगच्छद्रुदितप्रवादात्कविः कुशेध्माहरणाय यातः। निषादविद्धाण्डजदर्शनोत्थः श्लोकत्वमापद्यत यस्य शोकः॥' यह श्लोक महाकवि कालिदास की ओर से रचित महाकाव्य 'रघुवंशम्' के चौदहवें सर्ग (सर्ग 14, श्लोक 70) से लिया गया है।
'सुभाषितम्' में कहा गया है, 'कुश और यज्ञ की समिधाएं लेने गए महर्षि वाल्मीकि ने जब क्रौञ्ची का करुण विलाप सुना, तब उनके निर्मल हृदय में जागी करुणा श्लोक के रूप में प्रकट हुई। यही श्लोक त्रिकालज्ञ महर्षि वाल्मीकि की करुणा, समभाव, तपस्या और विद्वत्ता से रामायण की रचना का आधार बना।'
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मन की बात कार्यक्रम में भी पीएम मोदी ने महर्षि वाल्मिकि को किया याद
इससे पहले, रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने महर्षि वाल्मीकि को याद किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, 'हजारों वर्ष बीत गए, लेकिन महर्षि वाल्मीकि जी की रामायण आज भी हमें कुछ नया सिखाती है। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से हमें जीवन की गहरी सीख दी है। एक ओर वे निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश देते हैं, तो दूसरी ओर सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता का महत्व समझाते हैं।'
उन्होंने कहा, 'वाल्मीकि रामायण में भगवान राम का चरित्र इन मूल्यों का बहुत सुंदर उदाहरण है। भगवान राम ने माता शबरी के प्रेम और भक्ति को अपनाया। निषादराज की मित्रता को सम्मान दिया। सबको साथ लेकर चलने का भाव, ये आदर्श आज भी हमें दिशा दिखाते हैं। इस भावना का प्रतिबिंब अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भी दिखाई देता है। वहां महर्षि वाल्मीकि, निषादराज और माता शबरी के मंदिर भी बनाए गए हैं।' पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या में एयरपोर्ट का नाम भी महर्षि वाल्मीकि के नाम पर ही रखा गया है। उन्होंने कहा, 'ये प्रयास हमारी उसी महान परंपरा को समृद्ध करते हैं, जिसमें सेवा, समरसता और करुणा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।'
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पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषितम भी साझा किया
पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में 'संस्कृत सुभाषितम' भी शेयर किया, जिसमें लिखा, 'तामभ्यगच्छद्रुदितप्रवादात्कविः कुशेध्माहरणाय यातः। निषादविद्धाण्डजदर्शनोत्थः श्लोकत्वमापद्यत यस्य शोकः॥' यह श्लोक महाकवि कालिदास की ओर से रचित महाकाव्य 'रघुवंशम्' के चौदहवें सर्ग (सर्ग 14, श्लोक 70) से लिया गया है।
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'सुभाषितम्' में कहा गया है, 'कुश और यज्ञ की समिधाएं लेने गए महर्षि वाल्मीकि ने जब क्रौञ्ची का करुण विलाप सुना, तब उनके निर्मल हृदय में जागी करुणा श्लोक के रूप में प्रकट हुई। यही श्लोक त्रिकालज्ञ महर्षि वाल्मीकि की करुणा, समभाव, तपस्या और विद्वत्ता से रामायण की रचना का आधार बना।'
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मन की बात कार्यक्रम में भी पीएम मोदी ने महर्षि वाल्मिकि को किया याद
इससे पहले, रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने महर्षि वाल्मीकि को याद किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, 'हजारों वर्ष बीत गए, लेकिन महर्षि वाल्मीकि जी की रामायण आज भी हमें कुछ नया सिखाती है। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से हमें जीवन की गहरी सीख दी है। एक ओर वे निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश देते हैं, तो दूसरी ओर सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता का महत्व समझाते हैं।'
उन्होंने कहा, 'वाल्मीकि रामायण में भगवान राम का चरित्र इन मूल्यों का बहुत सुंदर उदाहरण है। भगवान राम ने माता शबरी के प्रेम और भक्ति को अपनाया। निषादराज की मित्रता को सम्मान दिया। सबको साथ लेकर चलने का भाव, ये आदर्श आज भी हमें दिशा दिखाते हैं। इस भावना का प्रतिबिंब अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भी दिखाई देता है। वहां महर्षि वाल्मीकि, निषादराज और माता शबरी के मंदिर भी बनाए गए हैं।' पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या में एयरपोर्ट का नाम भी महर्षि वाल्मीकि के नाम पर ही रखा गया है। उन्होंने कहा, 'ये प्रयास हमारी उसी महान परंपरा को समृद्ध करते हैं, जिसमें सेवा, समरसता और करुणा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।'