सर्जिकल स्ट्राइक से टमाटर के भाव हुआ सेब
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सरहद पर तनाव देखते हुए कश्मीरी किसान जल्द से जल्द सेब तोड़कर नुकसान से बचने की कवायद में जुटा है। अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस ने सेब तोड़ने के लिए किसानों को 12 अक्तूबर तक का वक्त दिया है।
कश्मीर में तीन महीनों से चल रहे कर्फ्यू और अब सरहद पर तनाव का असर कश्मीरी सेब के कारोबार पर पड़ रहा है। कश्मीरी सेब की आवक शुरू हो चुकी है। हिमाचल के सेब के तुरंत बाद ही कश्मीरी सेब आगरा की फल एवं सब्जी मंडी में आने लगा। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सेब की आवक एकाएक बढ़ गई है। पूर्व में यह 10 से 12 ट्रक रोजाना थी, जो अब बढ़कर 30 तक हो गई है।
कच्चा, पका हर तरह का सेब भेज रहे हैं
आगरा फ्रूट एंड वेजिटेबल एसोसिएशन महासचिव कन्हैया लाल मानवानी के मुताबिक, कश्मीरी सेब की उत्पादक हालात देखते हुए जल्द से जल्द सेब तोड़कर बेचने में लगे हैं। कच्चा, पका हर तरह का सेब भेज रहे हैं ताकि सरहद के मौजूदा तनाव के बढ़ने पर कोई दिक्कत न आए।
सेब उत्पादकों को हुर्रियत कांफ्रेंस के 12 अक्तूबर से प्रस्तावित बंदी का डर सता रहा है। सेब की ज्यादा आवक होने से भाव भी नीचे आए हैं। थोक में भाव 30 से 70 रुपये तक है, जबकि रिटेल में 60 से 120 रुपये तक सेब बेचा जा रहा है।