फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   President Election : know why EVMs are not used in Presidential elections

President Election : आम सहमति की कोशिश में भाजपा, जानें क्यों राष्ट्रपति चुनाव में ईवीएम का उपयोग नहीं होता

Mon, 13 Jun 2022 05:03 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली। 
एजेंसी, नई दिल्ली।  Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 13 Jun 2022 05:03 AM IST
सार

राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवारों के नामों पर टिक गई है। हर कोई कयास लगा रहा है कि एनडीए की तरफ से कौन उम्मीदवार होगा और उसे टक्कर देने के लिए विपक्ष किस नाम को आगे बढ़ाएगी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि एनडीए से पहले विपक्ष अपने उम्मीदवार का एलान कर सकता है।

विज्ञापन
President Election : know why EVMs are not used in Presidential elections
देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा? - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

क्या आपने कभी सोचा है कि राष्ट्रपति चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) क्यों नहीं इस्तेमाल होती? वजह है कि इन्हें राष्ट्रपति चुनाव के लिए डिजाइन ही नहीं किया गया। 2004 से अब तक 4 लोकसभा और 127 विधानसभा चुनावों में इसका उपयोग हो चुका है, लेकिन वे सभी सामान्य चुनाव थे, जहां प्रत्याशियों व चुनाव चिह्न के सामने लगा बटन दबाने पर उन्हें मतदाता का वोट मिलता है।

विज्ञापन


वहीं राष्ट्रपति चुनाव में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली में एकल हस्तांतरणीय वोट प्रक्रिया से मतदान होता है। इसमें हर मतदाता अपनी पसंद के अनुसार जितने चाहे उतने प्रत्याशियों को प्राथमिकता के अनुसार वोट देता है। वह बैलेट पेपर में प्रत्याशियों की सूची के सामने बने दूसरे कॉलम में 1, 2, 3, 4, 5 आदि वरीयताएं लिखता है।
विज्ञापन


इस प्रकार के मतदान की गणना के लिए ईवीएम नहीं बनीं। उपराष्ट्रपति, राज्यसभा और राज्य परिषदों के सदस्यों के चुनाव में भी इसी वजह से ईवीएम उपयोग नहीं होतीं। यह केवल साधारण मतदान की गणना करती है, आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली में वरीयता के अनुसार दिए वोट को गिनना इसके लिए संभव नहीं है। ऐसा करने के लिए अलग तकनीक पर आधारित ईवीएम बनानी होंगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत में ईवीएम : रोचक तथ्य

  • मई 1982 में केरल विधानसभा चुनाव में सबसे पहले ईवीएम का उपयोग हुआ, लेकिन तब ईवीएम से मतदान करवाने का कानून नहीं था, सुप्रीम कोर्ट ने जिन स्थान पर इसका उपयोग हुआ, वहां के चुनाव रद्द कर फिर से बैलेट पेपर से करवाए।  1989 में ईवीएम से मतदान को वैधता मिली।
  • 1998 में पहली बार दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश की 25 विस सीटों पर ईवीएम से वैध मतदान हुआ।
  • 2001 में तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और बंगाल में पहली बार सभी विस सीटों पर प्रयोग हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed