फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   pregnant woman Died at the hospital gate

गर्भवती को नहीं मिला इलाज, अस्पताल के गेट पर दम तोड़ा

Tue, 27 Sep 2016 04:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फीरोजाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फीरोजाबाद Updated Tue, 27 Sep 2016 04:33 AM IST
विज्ञापन
pregnant woman Died at the hospital gate
- फोटो : demo pic

उपचार न मिलने पर गर्भवती महिला ने महिला अस्पताल के गेट पर ही दम तोड़ दिया। पीड़ित परिवार प्रसूता को समय से उपचार दिलाने के लिए अधिकारियों से गुहार करता रहा, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। महिला की मौत के बाद परिवारीजन शव को लेकर घर चले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।

विज्ञापन


उत्तर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कबीरनगर गली नंबर पांच निवासी राजा शंखवार की पत्नी गुड्डी देवी (35) को सुबह करीब 5:30 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गुड्डी नौ माह की गर्भवती थीं। परिवारीजन करीब छह बजे ई-रिक्शा से उन्हें प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां तैनात चिकित्सक और स्टाफ ने महिला को उपचार देने के नाम पर आगरा ले जाने की बात कही। 
विज्ञापन


पति राजा काफी गिड़गिड़या और आगरा ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करने को कहा लेकिन चिकित्सकों ने उसकी कोई मदद नहीं की। थक हार कर राजा ई-रिक्शा से पत्नी को प्राइवेट नर्सिंग होम ले गया। यहां चिकित्सक ने इतना खर्च बता दिया कि उसकी इलाज कराने की हिम्मत नहीं हुई। उसे कुछ नहीं सूझा तो वह ई-रिक्शा सहित महिला को आर्य नगर स्थित नगर विधायक मनीष असीजा के आवास पर ले गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

समय रहते उपचार मिल जाता तो उसकी जान नहीं जाती

pregnant woman Died at the hospital gate

तब तक साढे़ सात बज चुके थे। विधायक बाहर आए और महिला की हालत देख उन्होंने सीएमएस से फोन पर महिला को अस्पताल में भर्ती करने को कहा। विधायक के कहने पर पति महिला को फिर महिला अस्पताल ले आया। महिला अस्पताल में उसे भर्ती किया जाता तब तक अस्पताल के गेट के सामने ईरिक्शा में ही उसने दम तोड़ दिया। परिवारीजनों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की लेकिन इस पर भी अस्पताल प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए। 

वे शव को लेकर घर आ गए। राजा का कहना है कि यदि उसकी पत्नी को समय रहते उपचार मिल जाता तो उसकी जान नहीं जाती। उसकी मौत के लिए डाक्टर दोषी है। उसने महिला डाक्टर से काफी मिन्नत की थी। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा पाता। 

महिला को परिवारीजन मृत अवस्था में अस्पताल लेकर आए थे। चिकित्सक द्वारा उसको अस्पताल से भगाया नहीं गया था। महिला के परिवारीजनों ने चिकित्सक पर जो आरोप लगाए है, वे पूरी तरह से निराधार हैं। -उपमा सिंह, सीएमएस जिला महिला अस्पताल फीरोजाबाद।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed