लगातार बिगड़ रही है दिल्ली की हवा, अप्रैल 2020 से मिलेंगे बीएस-6 मानक के वाहन: जावड़ेकर
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केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पर्यावरण से जुड़े विभन्न मुद्दों पर सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 2006 से दिल्ली की हवा लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए बीएस6 वाले वाहन आएंगे।
जावड़ेकर ने कहा, 2006 से दिल्ली की हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ रही है। लेकिन 2014 तक इस बारे में न तो बात की गई और न ही इसे सुधारने के लिए ज्यादा काम किया गया। 2015 में प्रधानमंत्री ने एयर क्वालिटी इंडेक्स शुरू किए और इस समस्या की ओर ध्यान दिया। दिल्ली में 113 एयर क्वालिटी इंडेक्स लगे हुए हैं जबकि एनसीआर में इसकी संख्या 29 है। जल्द ही और भी लगाए जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा, 'दिल्ली में अप्रैल 2020 तक बीएस6 मानक वाले वाहन आ जाएंगे। दिल्ली-एनसीआर में बीएस6 पेट्रोल-डीजल पहले से ही उपलब्ध है। इससे वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण में भारी कमी आएगी। इस दिशा में 60 हजार करोड़ खर्च किए गए। 80 प्रतिशत ट्रक का पार्टिकुलेट मैटर कम हुआ है। '
Union Minister of Environment Prakash Javadekar: BS6-compliant vehicles will be coming in Delhi in April 2020. BS6 petrol/diesel is already available in Delhi/NCR. It will lead to great reduction in air pollution from vehicles. https://t.co/zH4QBJbixp
— ANI (@ANI) October 7, 2019
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'इस्टर्न एक्सप्रेस वे बनाया गया और सीएनजी के स्टेशनों की कमी को दूर करके पांच साल में 500 स्टेशन बनाए गए हैं। दुनिया में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क सबसे अच्छा है। अब यह हरियाणा, उत्तर प्रदेश तक जा रहा है। इससे चार लाख वाहनों में कमी आई है। उद्योगों से प्रदूषण कम करने के लिए बदरपुर प्लांट बनाया गया।'
उन्होंने आगे कहा, 'हवा किसी राज्य की सीमा नहीं मानती है। इसके लिए सभी राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। दो से तीन हजार ईंट भट्ठों में जिगजैक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली में अब कचरे से 52 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। वेस्ट कंपोस्ट प्लांट लगाया गया है। हरियाणा पंजाब में किसान पराली जलाते हैं। उन्हें 18 हजार मशीनें दी गई हैं और जिससे वही पराली खाद के रूप में इस्तेमाल हो रही है।'