भीम आर्मी को पहले मायावती ने नकारा तो अब प्रकाश आंबेडकर ने भी खारिज किया
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भीम आर्मी को उत्तर प्रदेश में बसपा प्रमुख मायावती ने नकारा तो महाराष्ट्र में भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाती भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने भी खारिज कर दिया है। भीम आर्मी ने महाराष्ट्र में दलितों के संख्या बल को देखते हुए अपनी पैठ जमाने की कोशिश शुरू की है। इसके तहत मध्य रेलवे के दादर स्टेशन का नाम बदलकर डॉ. भीमराव आंबेडकर रखने का आंदोलन किया लेकिन, डॉ. आंबेडकर के नाती ने ही भीम आर्मी के आंदोलन को खारिज कर दिया है।
मुंबई के दादर स्टेशन का नाम बदलकर डॉ. भीमराव आंबेडकर रखने की मांग करीब दो दशक पुरानी है। लेकिन, इस बार भीम आर्मी ने इसको लेकर आक्रामक भूमिका अपनाई। बृहस्पतिवार को डॉ. आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर भीम आर्मी के कार्यकर्ता नाम बदलने के लिए दादर स्टेशन परिसर में दाखिल हुए। कार्यकर्ताओं ने स्टेशन पर जगह-जगह डॉ. भीमराव आंबेडकर टर्मिनस का पोस्टर भी चिपकाए। इससे पहले मध्य रेलवे प्रशासन को इस संबंध में ज्ञापन दिया गया था।
'दादर, माहिम, कुलाबा का नहीं बदला जाना चाहिए नाम'
भीम आर्मी के इस अनोखे आंदोलन पर रेलवे प्रशासन मौन रहा। वहीं, सरकार की ओर से भी इस मांग को लेकर कोई हलचल नहीं हुई। इस बीच प्रकाश आंबेडकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुंबई सात टापुओं का शहर है। दादर, माहिम और कुलाबा का नाम नहीं बदला जाना चाहिए। भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष ने कहा कि इसका ऐतिहासिक महत्व है। इसलिए नई पीढ़ी के सामने विश्व के इस महत्वपूर्ण स्थल का महत्व समझ में आना चाहिए।
बता दें कि बृहस्पतिवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस था। इसलिए डॉ. आंबेडकर का अभिवादन करने लाखों की संख्या में लोग दादर स्थित चैत्यभूमि पहुंचे। प्रकाश आंबेडकर ने भी चैत्यभूमि जाकर डॉ. भीमराव आंबेडकर का अभिवादन किया।