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गोडसे बवाल: पहले समझाया, फिर पार्टी से निकालने की चेतावनी... तब प्रज्ञा ने मांगी माफी

Sat, 30 Nov 2019 05:42 AM IST
संजीव कुमार झा शरद गुप्ता , अमर उजाला, नई दिल्ली
शरद गुप्ता , अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 30 Nov 2019 05:42 AM IST
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Pragya Thakur apologized to Godse, but after much persuading
लोकसभा में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने माफी मांगी - फोटो : ANI

भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने नाथूराम गोडसे पर अपने बयान को लेकर शुक्रवार को लोकसभा में माफी तो मांगी, लेकिन बहुत मान-मनौव्वल के बाद। प्रज्ञा को मनाने में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के सदस्य संजय जायसवाल के पसीने छूट गए।

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प्रज्ञा ठाकुर की टिप्पणी को लेकर गुरुवार को सदन में हंगामा हो गया और विपक्षी दलों ने उनके बिना शर्त माफी की मांग की। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में पार्टी के विचारों को लोकसभा में स्पष्ट रूप से रखा। उन्होंने कहा कि पार्टी महात्मा गांधी की विचारधारा का पालन करती है और उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त सोचने वालों की कड़ी निंदा करती है।
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भाजपा नेतृत्व इसी तरह का बयान प्रज्ञा ठाकुर से भी दिलवाना चाहता था, लेकिन वे  गुरुवार शाम अपने संसदीय क्षेत्र भोपाल चली गई। इसके बाद देर शाम उनसे टेलीफोन पर संपर्क कर भाजपा नेतृत्व में स्पष्ट कर दिया कि यदि वे लोकसभा में गोडसे को लेकर माफी नहीं मांगेंगी तो उन्हें पार्टी से बाहर का भी रास्ता दिखाया जा सकता है।
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इसके बाद वह शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंची और उन्होंने शून्यकाल प्रारंभ होते ही अपने बयान के लिए खेद प्रकट किया लेकिन कई शर्तों के बाद। सदन में हंगामा होने पर लोकसभा अध्यक्ष ने अपने कक्ष में सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई और प्रज्ञा से बिना शर्त माफी मांगने को कहा।

उनसे कहा गया था कि वह महात्मा गांधी की विचारधारा से सहमति जताएंगी और गोडसे पर टिप्पणी को लेकर माफी मांगेंगी। बैठक के बाद दोपहर 2.30 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन प्रज्ञा लोकसभा में नहीं थी। वे संसद के केंद्रीय कक्ष में बैठी थी। वरिष्ठ सांसद संजय जायसवाल के कई बार बुलाने पर वे 2.55 पर सदन में आई और गोडसे को लेकर की गई टिप्पणी पर खेद जताया। 

हत्यारे का महिमा मंडन नहीं

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि पूरी दुनिया महात्मा गांधी के सिद्धांत पर चलती है। इस मुद्दे का यदि हम राजनीतिकरण जारी रखेंगे तो पूरी दुनिया इसे देखेगी। मैंने भाजपा सांसद की विवादित टिप्पणी को कार्यवाही से हटा दिया था। सदन कहीं भी महात्मा गांधी के हत्यारे के महिमा मंडन की अनुमति नहीं देता है।

प्रज्ञा की माफी मांगने के तरीके पर विपक्ष का हंगामा

भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर के नाथूराम गोडसे को लेकर बयान पर माफी मांगने के तरीके पर लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी सदस्यों के बीच इस मामले में जबर्दस्त कहासुनी हुई। यहां तक स्पीकर ओम बिरला के हस्तक्षेप पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी को सरकार की ओर से इस मुद्दे पर फिर से सफाई देनी पड़ी, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा में गोडसे पर सरकार का पक्ष पहले रख चुके थे।

शून्यकाल के दौरान कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि प्रज्ञा के बयान से दुनिया भर में देश की छवि धूमिल हुई है। प्रज्ञा ठाकुर सिंह को सदन में माफी मांगनी चाहिए। प्रज्ञा ने इसके बाद माफी मांगते हुए कहा कि सदन में कहा कि उन्होंने जो टिप्पणी की है वह उसके लिए क्षमा चाहती हैं, लेकिन उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। माफी में लेकिन शब्द को लेकर ही विपक्ष ने जबरदस्त हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष सीधे शब्दों में माफी मांगने पर अड़ गया। 

वेल में आकर कांग्रेस सांसदों ने लगाए नारे 

कांग्रेस सांसदों ने वेल में आकर ‘गोडसे पार्टी डाउन डाउन’ और ‘महात्मा गांधी की जय’ नारे लगाए। इसके बाद स्पीकर ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को बोलने का मौका दिया तो उन्होंने कहा कि ठाकुर को बिना शर्त माफी मांगनी पड़ेगी। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद पटेल ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इस मुद्दे पर सफाई दे चुके हैं। 
 

सरकार बताए गोडसे देशभक्त या कातिल: ओवैसी 

हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार बताए कि नाथूराम गोडसे देशभक्त था या फिर कातिल था?
2 फरवरी 1948 को लोकसभा स्पीकर ने राजनीतिक हिंसा की निंदा की थी। मैं सिर्फ सरकार से जानना चाहता हूं कि नाथूराम गोडसे कातिल था या देशभक्त था?’ उन्होंने कहा कि सांसद को कहना चाहिए कि नाथूराम गोडसे देशभक्त नहीं था, आतंकवादी था। 
 
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