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मिलेगी राहत, इस साल बिजली की नहीं होगी किल्लत
राजीव कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 21 Apr 2016 03:45 AM IST
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बिजली की पर्याप्त उपलब्धता से इस साल भीषण गर्मी के बावजूद बिजली की किल्लत नहीं होने जा रही है। वहीं उत्पादन लागत में होने वाली कमी से उपभोक्ताओं को इस साल बिजली की कीमत के मोर्चे पर भी राहत मिलने जा रही है।
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खुले बाजार में सस्ती दरों पर बिजली की उपलब्धता के साथ बिजली की लागत में कमी के लिए किए गए सरकारी प्रयासों की वजह से इस साल बिजली की दरों में अधिकतम पांच फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। अच्छे मानसून के अनुमान से जून के बाद बिजली की होने वाली मांग में कमी आएगी।
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तेलंगाना विद्युत नियामक आयोग (टीईआरसी) के चेयरमैन एवं योजना आयोग के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार (ऊर्जा) आईए खान कहते हैं कि इस साल बिजली की दरों में किसी भी राज्य में 2-4 फीसदी या अधिकतम 5 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। एक्सचेंज में बिजली की उपलब्धता 2-2.50 रुपये प्रति यूनिट है, इसका फर्कतो पड़ेगा।
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हालांकि खान यह भी कहते हैं कि एक्सचेंज से 24 घंटे के लिए बिजली की खरीदारी की बात करने पर एक्सचेंज बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर देता है। मानसून बेहतर होगा तो जून-जुलाई में बिजली की पीक मांग में कमी होगी। विद्युत मंत्रालय के ऐप विद्युत प्रवाह के मुताबिक बुधवार को 6,080 मेगावाट सरप्लस बिजली 2.46 रुपये प्रति यूनिट की दर पर उपलब्ध थी।
केंद्रीय बिजली प्राधिकरण (सीईए) के मुताबिक इस साल मार्च में देश भर में बिजली की आवश्यकता 9,59,740 लाख यूनिट की रही जबकि उपलब्धता 9,44,880 लाख यूनिट की रही। आवश्यकता व उपलब्धता में मात्र 1.5 फीसदी की कमी रही। मार्च महीने में पीक ऑवर में बिजली की मांग 1,44,0770 लाख यूनिट रही जबकि उपलब्धता 1,41,5880 लाख यूनिट की रही। पीक ऑवर में कमी सिर्फ 1.7 फीसदी की रही। सीईए की रिपोर्ट के मुताबिक देश की बिजली उत्पादन क्षमता 2,58,895 मेगावाट हो चुकी है।
कोयला आयात में कमी आई है, वहीं उदय स्कीम की वजह से बिजली वितरण कंपनियों की ब्याज दरों में कमी आई है। मर्चेंट पावर भी कम दर पर उपलब्ध है तो ऐसे में बिजली की दरों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। जहां तक बिजली की उपलब्धता को सवाल है तो सूखे की वजह से हाइड्रो बिजली का उत्पादन प्रभावित है, लेकिन बारिश अच्छी होती है तो हाइड्रो बिजली की उपलब्धता भी बढ़ जाएगी। हाल ही में बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने सभी राज्यों के सचिवों से इस गर्मी में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा था।
- सलील गर्ग, निदेशक (ऊर्जा), फिच रेटिंग