सवर्णों को आरक्षण: जानिए राजनीतिक दलों की क्या रही प्रतिक्रिया
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मोदी कैबिनेट ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत गरीब सवर्णों को भी आरक्षण मिल सकेगा। इसके लिए संविधान संशोधन के जरिए सरकार आरक्षण के कोटे को बढ़ाएगी। सूत्रों के अनुसार कल संसद में संविधान संशोधन विधेयक को सरकार पेश कर सकती है।
इसके साथ ही आरक्षण का कोटा अब 49.5 से बढ़कर 59.5 फीसदी हो जाएगा। इसके लिए संविधान संशोधन बिल लाया जाएगा। नए फैसले के बाद जाट, गुज्जरों, मराठों और अन्य सवर्ण जातियों को भी आरक्षण का रास्ता साफ हो जाएगा बशर्ते वो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आते हों।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस प्रवक्ताकांग्रेस गरीबों के बच्चों को आरक्षण के लिए वह पूरा सहयोग और समर्थन करेगी, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार को यह जवाब देना होगा कि वह युवाओं को रोजगार कब देगी। लोकसभा चुनाव से चंद महीने पहले के इस फैसले को लेकर प्रधानमंत्री की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं और आशंका पैदा होती है कि कहीं यह भी ‘जुमला न बन जाए।’
हरीश रावत, कांग्रेस नेता
उत्तराखंड से कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों के लिए मंत्रिमंडल द्वारा 10 प्रतिशत आरक्षण पर कहा कि बहुत देर कर दी मेहरबां आते आते वह भी तब जब चुनाव करीब हैं। इस से फर्क नहीं पड़ता कि वो क्या करते हैं, क्या 'जुमले' देते हैं, इस सरकार को बचाने के लिए कुछ नहीं होने वाला है।
Harish Rawat,Congress on 10% reservation approved by Cabinet for economically weaker upper castes: 'Bohot der kar di meherbaan aate aate', that also when elections are around the corner. No matter what they do, what 'jumlas' they give, nothing is going to save this Govt pic.twitter.com/PXBwWvNKTY
— ANI (@ANI) January 7, 2019
अरविंद केजरीवाल, आप
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया है। आप नेता संजय सिंह ने कहा कि "10% आरक्षण बढ़ाने के लिये संविधान संशोधन करना होगा सरकार विशेष सत्र बुलाये हम सरकार का साथ देंगे वरना ये फ़ैसला चुनावी जुमला मात्र साबित होगा"।
10% आरक्षण बढ़ाने के लिये संविधान संशोधन करना होगा सरकार विशेष सत्र बुलाये हम सरकार का साथ देंगे वरना ये फ़ैसला चुनावी जुमला मात्र साबित होगा। https://t.co/txcOoWINmj
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) January 7, 2019
उमर अब्दुल्ला, एनसी
वहीं नेशनल कांन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि गरीब सवर्णों को आरक्षण का ऐलान साबित करता है कि चुनाव का बिगुल अच्छे से बजाया जा चुका है।
Reservation for economically backward upper castes. The bugle announcing the elections has well & truly sounded.
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) January 7, 2019
ममता बनर्जी, टीएमसी
मेरा सवाल है कि क्या चुनाव के नाम पर जनता के साथ धोखा किया जा सकता है। उन्हें बताना होगा कि इसे लागू किया जा सकता है या नहीं और क्या ये संवैधानिक है या नहीं?
WB CM on 10% reservation approved by Cabinet for economically weaker upper castes:My question is,in the name of elections can a govt cheat people or ditch unemployed youth?They've to clarify whether it will be implemented or not and if it is constitutionally&legally valid or not pic.twitter.com/l2XnYbhd4s
— ANI (@ANI) January 7, 2019
चिराग पासवान, लोजपा नेता
गरीब अपने आप में एक समूह हैं और उनके साथ जातियों के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। हमारी पार्टी ने शुरू से ही अगड़ी जातियों के गरीबों के लिए आरक्षण का समर्थन किया है और लोजपा इस फैसले से खुश है। यह ऐतिहासिक कदम है।