यूपी में दीपावली के बाद बदलेगा सियासी समीकरण, हो सकता नए गठबंधन का ऐलान
यूपी में 2017 के चुनावी रण में कूदने के लिए नया सियासी मोर्चा (महागठबंधन) दीपावली बाद आकार ले सकता है ? राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष अजित सिंह इसकी अगुवाई कर रहे हैं। वह अन्य छोटे दलों के नेताओं संग मंच साझा करने की रणनीति अपना रहे हैं। मुरादाबाद में महागठबंधन की नींव रखने केलिए छोटे दल जल्द जुटेंगे। अजित सिंह का कहना है कि हम महागठबंधन के लिए तैयार हैं।
भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा से गठबंधन की राह खुलती नहीं देख रालोद मुखिया अजित सिंह ने छोटे दलों और क्षेत्र के अन्य असरदार लोगों को साथ जोड़ो की रणनीति बनाई है। उनका मानना है कि सूबे में इस बार त्रिकंशु विधानसभा के आसार बन रहे हैं, ऐसे में सरकार बनाने में छोटे दलों की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण होगी।
इसी सोच के साथ अजित सिंह ने इसी माह के शुरू में बागपत में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार, शरद यादव और बसपा से अलग हुए पूर्व मंत्री आरके चौधरी के साथ मंच साझा किया। इसी मंच से अजित सिंह अपने पुत्र पूर्व सांसद जयंत चौधरी को सीएम का चेहरा घोषित कराने में कामयाब रहे।
असंतुष्ट होकर नाता तोड़ने वालों के साथ छोटे चौधरी रैली करेंगे
अजित सिंह ने रविवार को बरेली में मौलाना तौकीर रजा की अगुवाई वाली पार्टी इत्तेहाद ए मिल्लत काउसिंल की स्थापना दिवस की रैली में मंच साझा किया। 20 अक्तबूर को जेडीयू नेता शरद यादव के साथ अजित बुलंदशहर के गांव नुरसखा में चौधरी चरण सिंह प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। 22 अक्तूबर को मेरठ के किठौर में बसपा से असंतुष्ट होकर नाता तोड़ने वालों के साथ छोटे चौधरी रैली करेंगे। उसके बाद बिजनौर में सभा करेंगे।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी का कहना है कि यूपी में बनने वाली सरकार में रालोद को मुख्य भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि पूर्व सांसद जयंत चौधरी भी लोगों को जोड़ने के लिए क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर 16 अक्तूबर को फतेहपुर सीकरी, 24 अक्तूबर को मुजफ्फरनगर के खतौली और 26 अक्तूबर को मुरादाबाद के बिलारी में पदयात्रा निकालेंगे।