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पुलिस ने उखाड़ा दलित नेत्री प्रीता हरित का टेंट, चबूतरे पर की सभा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौसी, बहजोई
Updated Sun, 01 May 2016 05:05 AM IST
सार
- महिला कर्मी की पैरवी के लिए पहुंची थी आईआरएस अधिकारी
- दोषी को सजा मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष: प्रीता हरित
- एडीएम से पूछा अपनी सभा को रोकने का कारण
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प्रीता हरित
- फोटो : amar ujala bureau
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विस्तार
सीडीओ और संविदा जिला समन्वयक के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुई दोस्ती और नजदीकियों पर जोर देने की बातचीत के मामले में अब सियासी रंग भी घुलने लगा है। बहुजन सम्यक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीता हरित (आईआरएस) के आने की भनक से पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। बहजोई में बंबा रोड पर उनकी सभा के लिए लगाया गया टेंट पुलिस ने उखाड़कर फेंक दिया।
भारी पुलिस बल व पीएसी भी तैनात कर दी। देर शाम जब महिला दलित नेता पहुंची तो उतरने से रोकने का नाटक किया गया। महिला नेता ने जबरन उतरकर एक चबूतरे पर माइक लेकर लोगों को संबोधित करना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस व पीएसी सिर्फ तमाशाई बनी रही। डीपीआरओ कार्यालय में तैनात स्वच्छ भारत मिशन की जिला समन्वयक को बहुजन सम्यक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष/दिल्ली में इन्कम टैक्स कमिश्नर प्रीता हरित ने ही सहारा दिया। उनके कहने पर ही जिला समन्वयक ने सीडीओ के खिलाफ आवाज बुलंद करने की हिम्मत की थी।
मामला मीडिया में उछल जाने के बाद प्रीता हरित ने बहजोई आने का कार्यक्रम दे दिया। स्थानीय इकाई ने उनकी सभा की तैयारी कर दी लेकिन यह सब गोपनीय ही था लेकिन जैसे ही वहां महिलाएं एकत्र होनी शुरू हुई तो खुफिया तंत्र के माध्यम से जैसे ही जानकारी प्रशासन को हो गई। आनन फानन में ही दोपहर को पीएसी व पुलिस बल पहुंचा और देखते ही देखते टेंट आदि उखाड़ दिया गया।
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पुलिस ने बिना अनुमति के किसी भी तरह की कोई सभा नहीं करने की चेतावनी दे दी। लेकिन आयोजक व महिलाएं, आसपास ही बैठे रहे। घंटों के इंतजार के बाद देर शाम 5.40 बजे प्रीता हरित बहजोई पहुंची तो एलआईयू इंस्पेक्टर बीएम पाल सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रीता हरित को गाड़ी से उतरने से ही रोक दिया। चेतावनी दे दी कि बिना अनुमति के उन्हें यहां नहीं उतरने दिया जाएगा लेकिन प्रीता हरित गाड़ी से उतरीं और पेड़ के नीचे खड़े होकर संबोधन शुरू कर दिया।
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भारी पुलिस बल व पीएसी भी तैनात कर दी। देर शाम जब महिला दलित नेता पहुंची तो उतरने से रोकने का नाटक किया गया। महिला नेता ने जबरन उतरकर एक चबूतरे पर माइक लेकर लोगों को संबोधित करना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस व पीएसी सिर्फ तमाशाई बनी रही। डीपीआरओ कार्यालय में तैनात स्वच्छ भारत मिशन की जिला समन्वयक को बहुजन सम्यक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष/दिल्ली में इन्कम टैक्स कमिश्नर प्रीता हरित ने ही सहारा दिया। उनके कहने पर ही जिला समन्वयक ने सीडीओ के खिलाफ आवाज बुलंद करने की हिम्मत की थी।
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मामला मीडिया में उछल जाने के बाद प्रीता हरित ने बहजोई आने का कार्यक्रम दे दिया। स्थानीय इकाई ने उनकी सभा की तैयारी कर दी लेकिन यह सब गोपनीय ही था लेकिन जैसे ही वहां महिलाएं एकत्र होनी शुरू हुई तो खुफिया तंत्र के माध्यम से जैसे ही जानकारी प्रशासन को हो गई। आनन फानन में ही दोपहर को पीएसी व पुलिस बल पहुंचा और देखते ही देखते टेंट आदि उखाड़ दिया गया।
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पुलिस ने बिना अनुमति के किसी भी तरह की कोई सभा नहीं करने की चेतावनी दे दी। लेकिन आयोजक व महिलाएं, आसपास ही बैठे रहे। घंटों के इंतजार के बाद देर शाम 5.40 बजे प्रीता हरित बहजोई पहुंची तो एलआईयू इंस्पेक्टर बीएम पाल सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रीता हरित को गाड़ी से उतरने से ही रोक दिया। चेतावनी दे दी कि बिना अनुमति के उन्हें यहां नहीं उतरने दिया जाएगा लेकिन प्रीता हरित गाड़ी से उतरीं और पेड़ के नीचे खड़े होकर संबोधन शुरू कर दिया।
टेंट उखाड़ने की कार्रवाई पर जाहिर की नाराजगी
प्रीता हरित
- फोटो : amar ujala bureau
बहुजन सम्यक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष/भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी प्रीता हरित ने कहा कि दलित महिला के उत्पीड़न को कई दिन बीत गए लेकिन पुलिस प्रशासन ने रिपोर्ट नहीं लिखी। अफसर एक बात समझ लें जब तक दोषी को सजा नहीं मिलती तब तक संघर्ष जारी रहेगा। प्रीता हरित ने टेंट उखाड़ने की कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने आरोप लगाया कि मेरा अपमान किया गया। कोई बवाल करने नहीं आईं, तो फिर उनकी सभा को क्यों रोका गया। दलित उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीडिता को न्याय दिलाकर ही रहूंगी। इस मामले में पीड़िता ने उनके ही कहने पर आवाज उठाई है, इस मामले में वह लगातार लखनऊ तक के अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं। जल्द ही न्याय मिलेगा।
प्रीता हरित ने सीडीओ मामले की जांच कमेटी के अध्यक्ष/अपर जिलाधिकारी बीएन यादव से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच करने को कहा। हालांकि उन्होंने जांच पर अविश्वास भी जताया तो एडीएम ने कहाकि जांच तो निष्पक्ष ही होगी लेकिन फिर भी यदि उन्हें भरोसा नहीं है तो वह जांच बदलवा सकती हैं।
प्रीता हरित करीब सात बजे एडीएम के बहजोई कार्यालय में एडीएम बीएन यादव से मिली। पहले तो अपनी सभा को रोकने का कारण पूछा तो एडीएम ने अनिभिज्ञता जाहिर की। बाद में जांच कमेटी में वर्गवार अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी ली और इसी जिले के अफसरों द्वारा निष्पक्ष जांच किए जाने पर अविश्वास व्यक्त किया तो एडीएम ने कहाकि जांच तो निष्पक्ष ही होगा, लेकिन यदि फिर भी उन्हें भरोसा नहीं है तो वह उच्चाधिकारियों से बात करके जांच कमेटी बदलवा सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मेरा अपमान किया गया। कोई बवाल करने नहीं आईं, तो फिर उनकी सभा को क्यों रोका गया। दलित उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीडिता को न्याय दिलाकर ही रहूंगी। इस मामले में पीड़िता ने उनके ही कहने पर आवाज उठाई है, इस मामले में वह लगातार लखनऊ तक के अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं। जल्द ही न्याय मिलेगा।
प्रीता हरित ने सीडीओ मामले की जांच कमेटी के अध्यक्ष/अपर जिलाधिकारी बीएन यादव से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच करने को कहा। हालांकि उन्होंने जांच पर अविश्वास भी जताया तो एडीएम ने कहाकि जांच तो निष्पक्ष ही होगी लेकिन फिर भी यदि उन्हें भरोसा नहीं है तो वह जांच बदलवा सकती हैं।
प्रीता हरित करीब सात बजे एडीएम के बहजोई कार्यालय में एडीएम बीएन यादव से मिली। पहले तो अपनी सभा को रोकने का कारण पूछा तो एडीएम ने अनिभिज्ञता जाहिर की। बाद में जांच कमेटी में वर्गवार अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी ली और इसी जिले के अफसरों द्वारा निष्पक्ष जांच किए जाने पर अविश्वास व्यक्त किया तो एडीएम ने कहाकि जांच तो निष्पक्ष ही होगा, लेकिन यदि फिर भी उन्हें भरोसा नहीं है तो वह उच्चाधिकारियों से बात करके जांच कमेटी बदलवा सकती है।