PNB स्कैम की स्वतंत्र जांच के विरोध में केंद्र सरकार, 16 मार्च को SC में होगी सुनवाई
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कोर्ट में पीएनबी घोटाले को लेकर दो याचिकाएं दायर की गई है इनमें एक याचिकाकर्ता वकील विनीत ढांडा हैं जबकि दूसरी याचिका वकील एमएल शर्मा की ओर से दायर की गई है।
वकील विनीत ढांडा ने अपनी याचिका में कोर्ट से गुजारिश की है कि इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया जाए। क्योंकि ऐसे ही एक पुराने विजय माल्या वाले मामले में भी सरकार ने कोई कठोर कदम नहीं उठाया था।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट PNB SCAM मामले पर दायर जनहित याचिका की सुनवाई कर रही है और इस मामले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी समेत इस घोटाले से जुड़े लोगों को दो महीने के भीतर भारत लाये जाने और प्रत्यर्पण की मांग की गई है।
साथ ही याचिका में यह भी मांग की गई है कि वित्त मंत्रालय को निर्देश दिया जाए कि वह बड़ी राशि के लोन को लेकर एक दिशानिर्देश बनाए। वहीं इस पूरे मामले में दायर याचिका के खिलाफ केंद्र सरकार ने रोक लगाने और स्वतंत्र जांच कराने से इंकार किया है।
#PNBScam: Supreme Court adjourned the matter for further hearing to March 16.
— ANI (@ANI) February 21, 2018
10 करोड़ और उससे अधिक के लोन को लेकर वित्त मंत्रालय और रिजर्ब बैंक को दिशानिर्देश बनाने का निर्देश दिया जाए, जिससे लोन वसूली सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा याचिका में यह भी कहा गया है कि विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाई जानी चाहिए जो देश में बैड लोन की पूरी जानकारी इकट्ठा करें।
डिफॉल्टरों से एक नियत समय के भीतर लोन वसूली का नियम बनाना चाहिए। उनकी संपत्तियों को जब्त कर उनकी नीलामी की जानी चाहिए। इस पूरे मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ करेगी।