पीएनबी स्कैम: नीरव मोदी के खिलाफ सीबीआई ने दाखिल किया पूरक आरोप पत्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब नेशनल बैंक को करोड़ों रुपयों का चूना लगाने वाले भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ सीबीआई ने शनिवार को पूरक आरोप पत्र दायर किया है। जांच एजेंसी ने नीरव के खिलाफ आपराधिक धमकी के आरोप को जोड़ा है। सीबीआई का कहना है कि उसने अपनी फर्जी कंपनी के एक निदेशक को भारत लौटने पर जान से मारने की धमकी दी है।
A supplementary chargesheet was filed in Mumbai Spl CBI court in PNB scam case. CBI tells court that one of the dummy directors of Nirav Modi's companies was threatened to be killed if he returns to India. Charges of criminal intimidation added against Nirav Modi. (file pic) pic.twitter.com/WK8XaSQW2p
— ANI (@ANI) December 21, 2019विज्ञापन
जांच एजेंसी ने विशेष अदालत को बताया कि नीरव ने निदेशक आशीष मोहनभाई लाड को धमकी दी है कि यदि वह कायरो से कभी भी भारत वापस लौटे तो उनकी हत्या कर दी जाएगी। सीबीआई का कहना है कि लाड गिरफ्तारी से बचने के लिए दुबई से कायरो चला गया था। जून 2018 में जब उसने कायरो से भारत लौटने की योजना बनाई तो नेहल मोदी ने नीरव की तरफ से उससे संपर्क किया और जान से मारने की धमकी दी।
सीबीआई ने चार्जशीट में कहा है, 'जांच से पता चला कि नीरव मोदी द्वारा आशीष मोहनभाई लाड को धमकी भरे कॉल के बाद आरोपी नेहल मोदी ने उसे यूरोप आने पर 20 लाख रुपये देने की पेशकश की। ताकि वह यूरोपियन अदालत में वकील और जज के सामने नीरव मोदी के पक्ष में बयान दे सके जिससे कि उसकी मदद हो जाए। हालांकि लाड ने इससे इनकार कर दिया।'
वांछित हीरा कारोबारी नीरव मोदी को घोटाले के संबंध में चल रहे मुकदमे में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। नीरव इस समय दक्षिण-पश्चिम लंदन के वांड्सवर्थ जेल में बंद है और वह अपने मामा मेहुल चोकसी के साथ पंजाब नेशनल बैंक घोटाला मामले में वांछित आरोपी है।
इस साल मार्च में 48 साल के नीरव को मामले के संबंध में स्कॉटलैंड यार्ड से गिरफ्तार किया गया था। वह भारतीय जांच एजेंसियों और अदालतों से बार-बार समन भेजने के बावजूद भारत नहीं लौटा है। भारत उसका प्रत्यर्पण चाहती है ताकि उसे कथित तौर पर आर्थिक अपराध करने के जुर्म में कानून के समक्ष खड़ा किया जा सके।