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PMO को 20 महीने में मिलीं 10 लाख अर्जियां, पूछा-क्या संविधान पढ़ते हैं पीएम

Sun, 09 Oct 2016 03:49 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 09 Oct 2016 03:49 PM IST
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PMO received 10 lakh applications of RTI in 20 months
- फोटो : Getty Images

पिछले 20 महीनों में प्रधानमंत्री कार्यालय में हर दिन 1500 आरटीआई की अर्जियां मिली हैं। सूचना के अधिकार के तहत मिली एक अर्जी के जवाब में पीएमओ ने इस तरह का जानकारी दी है। पीएमओ द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 1 जून 2014 से 31 जनवरी 2016 तक 10 लाख आरटीआई प्राप्त हुई हैं।

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गुरुग्राम के रहने वाले असीम तकयर ने आरटीआई के जरिए पीएमओ से सवाल पूछा था कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद ग्रहण करने के बाद से पीएमओ को कितनी संख्या में आरटीआई मिली हैं। इसके जवाब में पीएमओ द्वारा बताया गया कि मांगी गई जानकारी बेहद विस्तृत है।
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हालांकि, पीएमओ ने सवाल के जवाब में बताया है कि इस दौरान 10 लाख याचिकाओं पर काम किया गया। इसके अलावा पीएमओ से बेहद छोटी-छोटी जानकारियां भी मांगी गई हैं। इनमें पीएमों द्वारा इस्तेमाल किए गए सिलेंडर्स की संख्या भी शामिल है।

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पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री संविधान पढ़ते हैं?

PMO received 10 lakh applications of RTI in 20 months

इसके अलावा प्रधानमंत्री द्वारा इस्तेमाल किए गए मसालों और सब्जियों की जानकारी भी आरटीआई के माध्यम से पूछी गई थी। एक सवाल में पीएमों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे इंटरनेट की स्पीड, पीएम की दिनचर्या, उनसे रोजाना मिलने वाले लोगों की संख्या की जानकारी भी आरटीआई के जरिए मांगी गई थी।

प्रधानमंत्री के लिए आने वाली फोन कॉल्स और उनके सोशल मीडिया अकांउट, ट्विटर, फेसबुक, पिकासा को प्रबंधित करने वाले स्टाफ की जानकारी भी आरटीआई में मांगी गई। साथ ही पीएम किस कंपनी के टेलीप्रॉम्पटर का प्रयोग करते हैं और उस पर कितना पैसा खर्च किया जाता ये भी एक सवाल में पूछा गया।

इसके अलावा एक ऐसा सवाल भी पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री संविधान पढ़ते हैं। इसके अलावा ऐसी कुछ आरटीआई भी पीएमओ को मिली हैं, जिन्होंने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया। जिसमें पीएम की दिल्ली यूनिवर्सिटी का डिग्री विवाद भी शामिल है। पीएमओ से आरटीआई द्वारा पूछे गए सवालों की फेहरिस्त में प्रधानमंत्री को मिलने वाली सुरक्षा, उनकी तनख्वाह और भत्तों की भी जानकारी मांगी गई। एक सवाल में ये भी पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री बनने से पहले वो रामलीला में काम करते थे।

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