{"_id":"57d0aae64f1c1b7f2f319703","slug":"pm-s-pak-visit-will-not-be-clear-right-now","type":"story","status":"publish","title_hn":"अक्तूबर के मध्य तक पीएम की पाक यात्रा से उठेगा पर्दा","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अक्तूबर के मध्य तक पीएम की पाक यात्रा से उठेगा पर्दा
शशिधर पाठक/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 08 Sep 2016 05:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पाकिस्तान में होने वाले दक्षिण एशियाई देशों के क्षेत्रीय सहयोग शिखर सम्मेलन(सार्क) में मौजूदगी को लेकर अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में स्थिति साफ होने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि कूटनीति अपना काम कर रही है और अभी प्रधानमंत्री के जाने या न जाने के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। वहीं विदेश मामलों के जानकारों के अनुसार भारत ने प्रधानमंत्री की पाकिस्तान यात्रा को लेकर हर विकल्प खुला रखा है।
विज्ञापन
पूर्व विदेश सचिव सलमान हैदर का कहना है कि भारत ने न तो प्रधानमंत्री के वहां सार्क सम्मेलन में भाग लेने के लिए वहां जाने के सवाल को खारिज किया है और न ही कोई जाने की गारंटी जैसी बात कही है। भारत के पाकिस्तान में उच्चायुक्त गौतम बंबावाले ने भी ऐसा कुछ नहीं कहा है। उन्होंने केवल पाकिस्तान के साथ भारत की सद्इच्छा को व्यक्त किया है।
विज्ञापन
सलमान हैदर का कहना है कि गौतम बंबावाले राजनयिक की भाषा को समझते हैं। उनके साथ भी काम किए हैं और भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीति के क्रम में जो हुआ है, वह चलता रहता है। हैदर का भी मानना है कि जिस तरह से संवाद प्रक्रिया चल रही है, उससे यही लग रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सार्क में हिस्सा लेने जाएंगे। भले ही व जाएं, सार्क शिखर सम्मेलन में हिस्सा लें और औपचारिकता पूरी करके तथा पाकिस्तान से नाराजगी दिखाकर लौट आएं।
विज्ञापन
राजनयिक सूत्र भी इस तरह की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते ही नहीं है बहुत कुछ है। काफी कुछ चल भी रहा है। पाकिस्तान से भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध कुछ ठोस कदम उठाने को कहा है और इस्लामाबाद ने इसे ठुकराया भी नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
विदेश मंत्रालय में सचिव सुजाता मेहता (वेस्ट) ने पाकिस्तान के भारत में उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब किया और उनसे कड़े शब्दों में शब्दों में नाराजगी जाहिर की। भारत ने बासित से यह नाराजगी पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त गौतम बंबावाले के साथ हुए अशोभनीय व्यवहार के क्रम में व्यक्त की।
गौतम बंबावाले करांची में एक कार्यक्रम के लिए आमंत्रित थे और ऐन वक्त पर उनके कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया। इसे लेकर भारत ने अब्दुल बासित के माध्यम से पड़ोसी देश को कहा है कि नई दिल्ली को उम्मीद है कि पाकिस्तान अपने यहां भारतीय राजनयिकों को बिना किसी गतिरोध के उनकी जिम्मेदारियां निर्वहन करने देगा।