{"_id":"5f1809528ebc3e6399710ca5","slug":"pm-narendra-modi-will-lay-the-foundation-stone-of-ram-temple-on-august-5-all-cm-will-be-invited-to-programme","type":"story","status":"publish","title_hn":"5 अगस्त को राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे पीएम मोदी, सभी राज्यों के सीएम को भेजा जाएगा न्योता","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
5 अगस्त को राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे पीएम मोदी, सभी राज्यों के सीएम को भेजा जाएगा न्योता
Wed, 22 Jul 2020 03:41 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 22 Jul 2020 03:41 PM IST
विज्ञापन
स्वामी गोविंद देव गिरि
- फोटो : ANI
अयोध्या में राम मंदिर का पांच अगस्त को शिलान्यास होने वाला है। इसे लेकर अयोध्या में तैयारियां जोरों पर हैं। श्रीराम जन्मभूमि के तीर्थ क्षेत्र कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे। इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए हमने तय किया है कि आमंत्रित किए गए 150 लोगों सहित 200 से अधिक लोग इकट्ठा नहीं होंगे।
विज्ञापन
Before laying the foundation stone, PM Modi will offer prayers to Lord Ram at the temple & Lord Hanuman at Hanuman Garhi Temple. All chief ministers will be invited to the programme: Swami Govind Dev Giri, Treasurer of Shri Ram Janmabhoomi Tirtha Kshetra, in Pune https://t.co/GOH9Qr0M8y
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 22, 2020
स्वामी गिरि ने कहा कि शिलान्यास करने से पहले पीएम मोदी मंदिर में भगवान राम और हनुमान गढ़ी मंदिर में भगवान हनुमान की प्रार्थना करेंगे। सभी मुख्यमंत्रियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा।
वहीं, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रस्तावित नए मंदिर का डिजाइन मंगलवार को सोमपुरा बंधुओं की कड़ी मेहनत से तैयार हो गया। ट्रस्ट ने इस मंदिर का नाम श्रीराम जन्मभूमि मंदिर रखा है, जो सबसे अग्रभाग में सिंह द्वार पर दर्ज होगा। इस मंदिर का आकार अब बढ़कर 84 हजार 6 सौ वर्गफीट हो गया है, जो पहले के प्रस्तावित मंदिर के दूना से भी करीब 10 हजार वर्गफीट बड़ा है।
इसमें गूढ़ मंडप समेत कीर्तन व प्रार्थना के लिए भी मंडप की व्यवस्था की गई है। पहले जहां मंदिर की क्षमता 20 हजार भक्तों की थी, वहीं अब 50 हजार से अधिक लोग एक साथ पूजा कर सकते हैं।