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PM Modi: 'हमारी सैन्य शक्ति दुनिया के लिए बाजार नहीं बन सकती', पीएम बोले- आत्मनिर्भरता ही नए भारत की पहचान
Sun, 21 Jun 2026 11:39 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:39 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में भारतीय नौसेना में आईएनएस अग्रय, आईएनएस दुनागिरी और आईएनएस संशोधक को शामिल किए जाने को नए भारत की ताकत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में केवल खरीददार नहीं रहना चाहता। पीएम ने कहा कि देश की ताकत दुनिया का बाजार बनने में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने में है। आइए, विस्तार से जानते हैं पीएम मोदी ने क्या कुछ कहा...
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पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय नौसेना में तीन अत्याधुनिक युद्धपोतों और सर्वेक्षण पोतों को शामिल किए जाने को नए भारत की ताकत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में सिर्फ खरीददार बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि आत्मनिर्भरता के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आईएनएस अग्रय, आईएनएस दुनागिरी और आईएनएस संशोधक केवल जहाज नहीं हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प, भारतीय उद्योगों की क्षमता और देश के इंजीनियरों व श्रमिकों की मेहनत के प्रतीक हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की ताकत दुनिया का बाजार बनने में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने में है।
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भारत की समुद्री ताकत को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी भी देश की आर्थिक और सामरिक ताकत उसकी समुद्री क्षमता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अधिकांश व्यापार समुद्री मार्गों से होते हैं और वैश्विक डेटा नेटवर्क भी समुद्र के नीचे से गुजरते हैं। आने वाले समय में महत्वपूर्ण खनिज, गहरे समुद्र के संसाधन और नए ऊर्जा स्रोत भी समुद्र से ही जुड़े होंगे। ऐसे में भारत अपनी समुद्री शक्ति को लगातार मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस बात की गवाह है कि मजबूत समुद्री क्षमता के बिना कोई भी देश महाशक्ति नहीं बन सकता।
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