फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   PM Modi pays tributes to Swami Vivekananda on death anniversary

PM Modi: भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई, पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद को पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

Sat, 04 Jul 2026 11:58 AM IST
नितिन गौतम आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 04 Jul 2026 11:58 AM IST
विज्ञापन
PM Modi pays tributes to Swami Vivekananda on death anniversary
पीएम मोदी - फोटो : पीटीआई
स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने नमन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, 'स्वामी विवेकानंद जी के निर्वाण दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्र-चेतना को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय है। उनकी बौद्धिकता और प्रेरणादायी विचार आज भी करोड़ों युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनके आध्यात्मिक संदेश विकसित भारत के निर्माण का संकल्प साकार करने में देश को नई ऊर्जा एवं दिशा प्रदान करते रहेंगे।'
विज्ञापन


रक्षा मंत्री ने भी दी श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की है। रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "स्वामी विवेकानंद जी के निर्वाण दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं कोटि-कोटि नमन। स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सनातन विचारधारा की गौरवशाली परंपरा को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने देशभक्ति, समाज सेवा, नैतिक विकास और चरित्र निर्माण का संदेश दिया। उनका विश्वास था कि सशक्त, संस्कारित और आत्मविश्वासी नागरिक राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।स्वामी विवेकानंद जी के विचार हमें समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं।'
विज्ञापन


शिवराज सिंह चौहान ने बताया प्रेरणा
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, 'भारतीय स्वाभिमान की वैश्विक प्राण प्रतिष्ठा करने वाले महान आध्यात्मिक गुरु, युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं!' शिवराज सिंह ने आगे लिखा, 'स्वामी विवेकानंद जी बचपन से मेरी प्रेरणा रहे हैं। स्वामी जी के शब्द सदैव मेरे कानों में गूंजते हैं और नई ऊर्जा देते हैं। स्वामी विवेकानंद जी कहते थे कि तुम केवल साढ़े तीन हाथ के हाड़-माँस के पुतले नहीं हो। तुम ईश्वर के अंश हो, तुम अमृत के पुत्र हो, तुम अनंत शक्तियों के भंडार हो, तुम अमर आनंद के भागी हो; दुनिया में कोई ऐसा काम नहीं है, जो तुम न कर सको।'
विज्ञापन
विज्ञापन


कृषि मंत्री ने लिखा, 'स्वामी विवेकानंद जी भारतीय दर्शन, अध्यात्म और वैश्विक चेतना के साकार स्वरूप हैं। उनके आध्यात्मिक अमृत प्रकाश से सम्पूर्ण संसार आलोकित है। 'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए' का आपका मंत्र सदैव युवाओं का कल्याण करता रहेगा। आपके ओजस्वी विचार और जीवन-दर्शन हमें सदैव राष्ट्र एवं समाज के नवनिर्माण के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देते रहेंगे। स्वामी विवेकानंद जी के चरणों में बारंबार प्रणाम!'

जेपी नड्डा ने स्वामी विवेकानंद को लेकर क्या कहा?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने श्रद्धांजलि देते हुए 'एक्स' पर लिखा, 'भारतीय संस्कृति व सनातन आध्यात्मिक दर्शन को वैश्विक मंच पर गौरव एवं प्रतिष्ठा दिलाने वाले, युवाओं के प्रेरणास्रोत, युगद्रष्टा स्वामी विवेकानंद जी के निर्वाण दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन। स्वामी विवेकानंद जी ने अपने अद्वितीय ज्ञान, ओजस्वी व्यक्तित्व और राष्ट्रवादी चिंतन से भारतीय संस्कृति की महानता का संदेश संपूर्ण विश्व तक पहुँचाया तथा करोड़ों युवाओं के मन में आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और मानव सेवा का भाव जागृत कर राष्ट्र निर्माण की दिशा दिखाई। उनके प्रेरणादायी विचार, आदर्श और जीवन-दर्शन हमें सदैव मानवता की सेवा, राष्ट्र के उत्थान और विश्व कल्याण के पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा प्रदान करते रहेंगे।'

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, 'युवाओं के प्रेरणास्रोत, महान दार्शनिक एवं आध्यात्मिक चिंतक स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं। अपने ओजस्वी विचारों से स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई। उनका जीवन हमें आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम और मानव सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।'


स्वामी विवेकानंद, जिनका मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था, रामकृष्ण मिशन के संस्थापक थे। वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद (पार्लियामेंट ऑफ रिलिजन्स) में अपने ऐतिहासिक संबोधन के माध्यम से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिली। उन्होंने समाज सेवा और मानवता की सेवा को सर्वोच्च आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed