सियासत: उत्तर प्रदेश में भाजपा ने बढ़ाई चुनावी हलचल, कांग्रेस इस बार दिखा रही है दम
भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली में रविवार को हुई बैठक के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में जबरदस्त तरीके से हलचल शुरू हो गई है। भाजपा के सूत्रों की मानें तो लंबे अर्से बाद मंत्रिमंडल का फेरबदल होना तय माना जा रहा है। मंत्रिमंडल के फेरबदल की प्रमुख वजहों में अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश के चुनाव भी शामिल हैं...
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उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनाव होने हैं। भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में बैठक कर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। न सिर्फ भाजपा बल्कि बीते कुछ दिनों से कांग्रेस भी लगातार योगी सरकार पर हमलावर होकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। विपक्षी दल समाजवादी पार्टी भी अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सामने लाता रहा है। हालांकि बहुजन समाजवादी पार्टी हमेशा की तरह अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से जमीन पर उतनी सक्रिय नहीं दिख रही है। यह बात अलग है कि मायावती सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य और केंद्र सरकार को घेरती रहती हैं।
भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली में रविवार को हुई बैठक के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में जबरदस्त तरीके से हलचल शुरू हो गई है। भाजपा के सूत्रों की मानें तो लंबे अर्से बाद मंत्रिमंडल का फेरबदल होना तय माना जा रहा है। मंत्रिमंडल के फेरबदल की प्रमुख वजहों में अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश के चुनाव भी शामिल हैं। पूरे चुनावी गणित को देखते हुए ही मंत्रिमंडल में फेरबदल होंगे, इसके अलावा कई ऐसे नए चेहरे भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाएंगे, जो भाजपा आलाकमान के चहेते हैं।
भारतीय जनता पार्टी हमेशा की तरह चुनाव से एक साल पहले ही राजनीतिक मैदान बनाने की तैयारियां शुरू कर देती है। उत्तर प्रदेश के संदर्भ में भी यही शुरुआत मानी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों के मुताबिक अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले एक हफ्ते के भीतर उत्तर प्रदेश का नया मंत्रिमंडल अपने नए रंगरूप में सामने होगा और इसी के साथ अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश के चुनावों का बिगुल फूंक दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस लगातार बीते कुछ समय से योगी सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस ने जिस तरीके से अपने कार्यकर्ताओं और संगठन के पदाधिकारियों के साथ मिलकर योगी सरकार को कोरोना में हो रही लापरवाहियों पर घेरा है, वह उनकी उत्तर प्रदेश में उपस्थिति दर्ज करा रहा है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी लगातार उत्तर प्रदेश सरकार पर हमलावर हैं उन्होंने पिछले कुछ दिनों में तकरीबन आधा दर्जन से ज्यादा पत्र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखे हैं। इन चिट्ठियों में जनता की समस्याएं और कोविड के दौरान राज्य सरकार की लापरवाहियां उजागर की है।
शिक्षकों की भर्ती से लेकर पंचायत चुनाव और पंचायत चुनाव में हुई शिक्षकों की मौत पर कांग्रेस लगातार राज्य सरकार पर हमलावर होती आई है। यही नहीं झांसी में डॉक्टरों को जिस तरीके से गिरफ्तार किया गया उसे लेकर भी प्रियंका गांधी ने राज्य सरकार को जबरदस्त तरीके से घेरा है। प्रियंका गांधी ने सवाल उठाते हुए राज्य सरकार पूछा है कि आखिर इन डॉक्टरों की गलतियां क्या थीं। इनकी अपनी जायज बातें ही तो थीं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान कहते हैं हम लोग जनता की आवाज बुलंद कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार हर मामले में पूरी तरीके से फेल हो चुकी है। कोरोना के इलाज का मामला हो या अस्पतालों में बेड का, मरीजों को मिलने वाली ऑक्सीजन का मामला हो या उत्तर प्रदेश में हो रही गांव में लगातार हो रही मौतें। कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता लोगों के घर जाकर हर संभव मदद कर रहा है। इससे पहले प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के गांव में लगातार हो रही मौतों पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है।
विपक्षी पार्टियों में कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी भी लगातार राज्य सरकार पर दबाव बना रही हैं। दोनों राजनीतिक पार्टियों को इस बात का अंदाजा है कि अगले साल होने वाले चुनाव में किस तरीके से लोगों को जोड़ना है और राज्य सरकार की असफलताओं के बारे में लोगों को बताना है। समाजवादी पार्टी बीते कुछ समय से लगातार अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश में युवाओं को मिलने वाली नौकरियां और उसमें आ रही अड़चनों को लेकर लगातार सड़कों पर प्रदर्शन कर चुकी है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी कोरोना महामारी के दौरान लोगों की मदद भी करते आ रहे हैं। हालांकि इन सबसे इतर बहुजन समाजवादी पार्टी ज्यादा जमीन पर तो नहीं दिख रही है लेकिन यह बात अलग है कि मायावती लगातार सोशल मीडिया के राज्य और केंद्र सरकार को घेरती रहती हैं।