‘पीके ’ के रोडमैप पर कांग्रेस के अच्छे दिन, यूपी में आगे बढ़ी पार्टी
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यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस की कार्यशैली में बदलाव नजर आने लगा है। यह बदलाव चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के कांग्रेस से जुड़ने के बाद दिख रहा है। यह पहला मौका है जब संगठन के काम की जिम्मेदारी तय करते समय जातिगत संतुलन को साधा गया है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि विधानसभा से लेकर मंडल स्तर तक की प्रचार समन्वय समिति में स्थानीय नेताओं और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को मौका दिया गया है।
सोमवार को मंडल के चुनाव प्रचार प्रभारी विधायक अजय राय ने अपनी टीम के साथ जिला और विधानसभा स्तर पर गठित प्रचार समन्वय समिति के नामों का मीडिया के सामने एलान किया।
अजय राय की अगुवाई वाली वाराणसी मंडल की दस सदस्यीय प्रचार समन्वय समिति में राजेश चौधरी (चंदौली), पंकज सोनकर (जौनपुर), अरुण यादव (चंदौली), हीरालाल शर्मा (मुगलसराय), इरफान बशर (गाजीपुर), शैलेंद्र किशोर पांडेय मधुकर (वाराणसी), ओमप्रकाश ओझा (वाराणसी), शैलेंद्र सिंह (वाराणसी) एवं पंकज दुबे (गाजीपुर) शामिल हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश
वाराणसी के अलावा मंडल के गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली जिलों की दस-दस सदस्यीय प्रचार समन्वय समिति भी गठित कर दी गई है। अनिल श्रीवास्तव अन्नू को वाराणसी, विजय त्रिपाठी को चंदौली, शीतला पांडेय को जौनपुर और अरविंद मिश्रा को गाजीपुर जिले में प्रचार कमेटी का प्रभारी बनाया गया है।
चारों जिलों के 28 विधानसभा क्षेत्रों में भी दस-दस सदस्यीय प्रचार टीम गठित कर दी गई है। कांग्रेस विधायक ने बताया कि प्रचार टीम ही अपने विधानसभा क्षेत्र से टिकट के तीन दावेदारों के नाम प्रदेश की टीम को भेजेगी। अक्तूबर के अंत तक कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होगी।