फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   PFI commits acts like cutting hands to spread panic, NIA has punished 355 members so far

Terror of PFI: दहशत फैलाने को हाथ काटने जैसी हरकतें करता है पीएफआई, एनआईए ने अब तक 355 सदस्यों को दिलाई है सजा

Fri, 23 Sep 2022 05:15 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 23 Sep 2022 05:15 AM IST
सार

पिछली रामनवमी पर गोवा, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में फैली हिंसा में भी पीएफआई के शामिल होने का आरोप लगा था। कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार, पीएफआई के पूरे देश में 50 हजार से अधिक सदस्य हैं और इससे सहानुभूति रखने वाले अधिकांश लोग केरल में हैं।

विज्ञापन
PFI commits acts like cutting hands to spread panic, NIA has punished 355 members so far
पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में कलबुर्गी में प्रदर्शन करते लोग। - फोटो : Twitter@AleemIlahi

विस्तार

पीएफआई के खिलाफ पिछले कुछ सालों के दौरान देश के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में संगठन के  नेताओं, सदस्यों को कई हिंसक गतिविधियों में शामिल होने का आरोपी बनाया गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि इन हिंसक गतिविधियों में केरल में एक कॉलेज प्रोफेसर का हाथ काटना, दूसरे धर्मावलंबियों की निर्मम हत्या, नामी जगहों और शख्सियतों को निशाना बनाने के लिए विस्फोटक जुटाने, इस्लामिक स्टेट का समर्थन और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना शामिल हैं। क्रूर हरकतों के जरिये संगठन का प्रयास लोगों के मन में दहशत पैदा करना होता है। अधिकारी ने बताया, एनआईए ने अब तक पीएफआई से जुड़े 355 लोगों को 45 मामलों में दोषी करार दिलाने में सफलता हासिल की है।

विज्ञापन


पिछले साल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि केंद्र सरकार पीएफआई को प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया है। इस संगठन को झारखंड सरकार पहले ही गैरकानूनी करार देते हुए प्रतिबंधित कर चुकी है। मेहता ने बताया था कि पीएफआई के कई पदाधिकारी प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़े पाए गए हैं। जनवरी, 2018 में उस समय के गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने भी कहा था कि केंद्र सरकार गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत पीएफआई को प्रतिबंधित करने पर विचार कर रही है। दिसंबर 2019 में सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शनों में पीएफआई की संलिप्तता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने भी केंद्र सरकार को इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी।
विज्ञापन


रामनवमी पर भड़की हिंसा में भी हाथ
पिछली रामनवमी पर गोवा, गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में फैली हिंसा में भी पीएफआई के शामिल होने का आरोप लगा था। कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार, पीएफआई के पूरे देश में 50 हजार से अधिक सदस्य हैं और इससे सहानुभूति रखने वाले अधिकांश लोग केरल में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईडी ने दो आरोपपत्र दायर किए
ईडी ने पीएफआई और इसके पदाधिकारियों के खिलाफ लखनऊ में विशेष पीएमएलए कोर्ट में दो आरोप पत्र दायर किए हैं। पिछले साल फरवरी में ईडी ने पीएफआई और इसके छात्र संगठन कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के खिलाफ पहला आरोप पत्र दायर किया था।

पीएफआई सदस्यों पर हत्या व हिंसा के आरोप गंभीर : मुस्लिम संगठन
देश के कुछ मुस्लिम संगठनों ने पीएफआई के ठिकानों पर छापे के दौरान वहां से हथियार मिलने और गिरफ्तार लोगों के खिलाफ हत्या, हिंसा के मामलों को गंभीर बताते हुए मुस्लिम युवाओं से संयम बरतने की अपील की है।

तंजीम उलेमा ए इस्लाम, कुल हिंद मरकजी इमाम काउंसिल और मुस्लिम स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (एमएसओ) ने कहा कि यदि इस संगठन के खिलाफ कानून के पालन और आतंक रोकने के लिए कार्रवाई की गई है तो हर किसी को धैर्य बनाए रखना चाहिए। इन संगठनों ने कहा कि पीएफआई के खिलाफ लगाए गए आरोपों को कोर्ट में साबित किया जाना चाहिए। एमएसओ ने कहा, पिछले कई दिनों से पीएफआई की कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के बारे में लगातार खबरें आ रही हैं। एमएसओ ने कहा कि भारत के मुसलमानों को देश में स्थिरता और शांति के लिए काम करना चाहिए।


सभी तरह की सांप्रदायिकता के प्रति जीरो टॉलरेंस : राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश भर में पीएफआई के कार्यालयों व पदाधिकारियों पर हुई छापेमारी पर कहा कि किसी भी तरह के सांप्रदायिकता के प्रति जीरो टॉलरेंस होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे सांप्रदायिकता और हिंसा, कहीं से भी आए, किसी भी रूप में आए, इसके खिलाफ लड़ने की जरूरत है। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सांप्रदायिकता का सख्त मुकाबला करना होगा, इसके सभी रूप खतरनाक हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed