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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज फिर बढ़ोतरी, पीएम मोदी कर सकते हैं समीक्षा बैठक

Sat, 15 Sep 2018 08:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 15 Sep 2018 08:10 AM IST
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Petrol diesel prices hike again on 15th september
Oil prices

पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी लगातार जारी है। शनिवार को एक बार फिर तेल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में पेट्रोल के दाम 35 पैसे बढ़े हैं, जबकि डीजल की कीमत में 24 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। अब दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 81.63 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 73.54 रुपये प्रति लीटर मिल रहे हैं। 

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वहीं, मुंबई में भी पेट्रोल के दाम 34 पैसे प्रति लीटर बढ़े हैं, जबकि डीजल के दाम में 25 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। अब मुंबई में पेट्रोल की कीमत 89.01 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 78.07 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। 
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तेल की कीमतें बढ़ने के पीछे ये हैं कारण

तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण डॉलर की मुकाबले रुपये का गिरना है। चूंकि रुपये में लगातार गिरावट आ रही है, इसकी वजह से तेल कंपनियां भी लगातार कीमतों में बदलाव कर रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि तेल कंपनियों को कीमतों का भुगतान डॉलर में करना पड़ता है, जिसकी वजह से उन्हें अपना मार्जिन पूरा करने के लिए तेल की कीमतों में इजाफा करना पड़ रहा है। 
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माना जा रहा है कि आने वाले समय में देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी और बढ़ने वाली हैं। हालांकि कर्नाटक चुनावों के दौरान पेट्रोल-डीजल के दाम बिलकुल नहीं बढ़े थे। इसलिए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि चार राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान सरकार तेल की कीमतों पर लगाम लगा सकती है। हालांकि चार राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने पहले ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर वैट कम कर दिया है। 

पीएम मोदी आज कर सकते हैं समीक्षा बैठक 

रुपये में गिरावट, तेल की बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के देश के आर्थिक हालात पर गहन चर्चा की। बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि गैर-जरूरी आयात में कटौती होगी, निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा चालू खाता घाटा (सीएडी) नियंत्रित करने के लिए ईसीबी, मसाला बांड से प्रतिबंधों को हटाया जाएगा। 

प्रधानमंत्री शनिवार को भी प्रमुख नीति निर्माताओं के साथ एक और बैठक करेंगे, जिसमें रुपये को गिरने से रोकने और ईंधन कीमतों में तेजी थामने के उपायों पर चर्चा की जाएगी। वित्त मंत्री ने बताया कि हम विदेशी मुद्रा के प्रवाह में वृद्धि करना चाहते हैं। गैर-जरूरी आयात में कटौती पर जोर देते हुए हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने की तैयारी है। 

गौरतलब है कि बैठक ऐसे समय बुलाई गई है जब भारतीय मुद्रा अगस्त से एक डॉलर के मुकाबले छह फीसदी गिरावट के साथ अपने न्यूनतम स्तर 72 रुपये पर पहुंच चुकी है। पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार नई ऊंचाई छू रहे हैं। विपक्षी पार्टियां गिरते रुपये को थामने के लिए ठोस उपाय उठाने और तेल की कीमतें कम करने को लेकर टैक्स कटौती का सरकार पर लगातार दबाव बना रही हैं। हालांकि वित्त मंत्रालय ने टैक्स कटौती से साफ इनकार कर दिया है। मंत्रालय के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल में दो रुपये की कटौती से करीब 30 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। हालांकि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि वह जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेगी। 

 
 

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