बीएसए दफ्तर का लिपिक घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
- एक शिक्षक की शिकायत एंटी करप्शन टीम का पड़ा छापा।
- जांच में न फंसाने के लिए रिश्वत में मांगे थे 20000 रुपये।
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बेसिक शिक्षा कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक कुंजबिहारी को एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया। उसने नौहझील के शिक्षक को निलंबन का भय दिखाकर बीस हजार रुपये मांग रहा था। एंटी करप्शन टीम ने उसे पूछताछ के लिए थाना हाईवे ले गई।
नौहझील स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय भगवानगढ़ी में कार्यरत शिक्षक वेगराज सिंह ने बताया कि मांट निवासी मोती सिंह नामक व्यक्ति ने विद्यालय की मरम्मत के नाम पर गलत तरीके से विद्यालय के खाते में से धनराशि निकालने की शिकायत बीएसए कार्यालय में की थी। बीएसए और एबीएसए ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया।
10 हजार ही लेने को हो गया राजी
वेगराज सिंह का आरोप है कि कुंजबिहारी ने निलंबन की कार्रवाई का डर दिखाते हुए उनसे 20000 रुपये रिश्वत मांग रहा था। आखिर वह दस हजार ही लेने को राजी हो गया। शिक्षक ने शिक्षक संगठन यूटा के पदाधिकारी यशवीर सिंह और आलोक उपाध्याय को इस मामले की जानकारी दी।
शिक्षक ने यूटा पदाधिकारियों के साथ गत 8 मार्च को एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) आगरा के अधिकारियों से मुलाकात की। तय की गई रणनीति के तहत मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे डीएम की ओर से उपलब्ध कराए गए दो गवाह की मौजूदगी में बीएसए कार्यालय में प्रधान सहायक कुंजबिहारी को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।