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56 साल बाद मिला मुआवजा,सेना ने बैरक और बंकर बनाने के लिए किया था जमीन का अधिग्रहण
अमर उजाला ब्यूरो, इटानगर
Updated Mon, 22 Oct 2018 06:25 AM IST
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मुआवजा देते गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू
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भारत-चीन युद्ध के लगभग 56 साल बाद अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा से लगे बोमडिला इलाके के ग्रामीणों को अपनी जमीन के बदले 38 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला है। सेना ने युद्ध के बाद बैरक और बंकर बनाने के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण किया था लेकिन बीते साल तक गांव वालों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया था।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रक्षा मंत्रालय के सामने मुआवजे का यह मसला उठाया था। पश्चिम कामेंग जिले में आयोजित एक विशेष समारोह में किरेन रिजिजू और मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को ग्रामीणों को मुआवजे का चेक सौंपा। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने बताया कि ग्रामीणों को 37.73 करोड़ रुपये के चेक सौंपे गए। इलाके के प्रेम दोर्जी खिमिरे को 6.31 करोड़, फुंत्सो खातवा को 6.21 करोड़ और खांडू ग्लो को 5.98 करोड़ रुपये के चेक मिले हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय हित में जमीन का अधिग्रहण किया गया था लेकिन 60 के दशक से किसी सरकार ने मुआवजा देने पर ध्यान नहीं दिया। पिछले साल भी अप्रैल में 54 करोड़, सितंबर में 158 करोड़ और इस साल फरवरी में 40.80 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा गया था।
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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रक्षा मंत्रालय के सामने मुआवजे का यह मसला उठाया था। पश्चिम कामेंग जिले में आयोजित एक विशेष समारोह में किरेन रिजिजू और मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को ग्रामीणों को मुआवजे का चेक सौंपा। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने बताया कि ग्रामीणों को 37.73 करोड़ रुपये के चेक सौंपे गए। इलाके के प्रेम दोर्जी खिमिरे को 6.31 करोड़, फुंत्सो खातवा को 6.21 करोड़ और खांडू ग्लो को 5.98 करोड़ रुपये के चेक मिले हैं।
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उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय हित में जमीन का अधिग्रहण किया गया था लेकिन 60 के दशक से किसी सरकार ने मुआवजा देने पर ध्यान नहीं दिया। पिछले साल भी अप्रैल में 54 करोड़, सितंबर में 158 करोड़ और इस साल फरवरी में 40.80 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा गया था।
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