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विशेषाधिकार हनन के खिलाफ काटजू की याचिका पर फैसला सुरक्षित
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 28 Apr 2016 10:56 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने संसद के दोनों सदनों द्वारा निंदा प्रस्ताव जारी करने के खिलाफ पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। काटजू ने निंदा प्रस्ताव को निरस्त करने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि जस्टिस काटजू की याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए।
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संसद के दोनों सदनों ने जस्टिस काटजू के विचार पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। रोहतगी के अनुसार अगर अदालत इस तरह के मामले की सुनवाई करेगी तो यह एक गलत प्रथा होगी। संसद के भीतर हुई कार्यवाही को न्यायिक समीक्षा में दायरे में नहीं लाया जाना चाहिए।
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जस्टिस काटजू ने अपने ब्लॉग में महात्मा गांधी को ब्रिटिश और सुभाष चंद्र बोस को जापान का एजेंट बताया था। इसी पर उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया था। जस्टिस काटजू का कहना है कि संसद ने उनका पक्ष नहीं जाना था।