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संसद डायरी: 'दुर्लभ बीमारियों के लिए उत्कृष्टता केंद्रों की संख्या 8 से बढ़कर 15 हुई', सरकार ने दी जानकारी

Fri, 06 Feb 2026 05:13 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 06 Feb 2026 05:13 PM IST
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Parliament Diary Today Budget Session lok sabha rajya sabha news updates in hindi
संसद डायरी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
दुर्लभ बीमारियों के लिए उत्कृष्टता केंद्रों की संख्या आठ से बढ़कर 15 हो गई है। राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति (एनपीआरडी) के तहत इन संख्या बढ़ाई गई है। इस नीति के लागू होने के बाद इन केंद्रों की संख्या लगभग दोगुनी हुई है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। 
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जाधव ने एक लिखित जवाब में बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से मार्च 2025 तक उत्कृष्टता केंद्रों के लिए करीब 26,400 लाख रुपये आवंटित किए गए। जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए करीब 6,184 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। 
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उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मुख्य जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है। हालांकि, भारत में दुर्लभ बीमारियों से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति, 2021 बनाई है। इस नीति के तहत दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए प्रति मरीज पचास लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसमें समूह-3 की बीमारियां भी शामिल हैं।  
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जाधव ने कहा, नीति के तहत उत्कृष्टता केंद्रों की संख्या इसके लागू होने से अब तक आठ से बढ़कर 15 हो गई है। उन्होंने बताया कि दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित मरीजों का उपचार संबंधित उत्कृष्टता केंद्र की विशेष दुर्लभ रोग समिति की सिफारिशों के आधार पर मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाता है।

2018 से 2025 के बीच कनाडा में 17 भारतीय छात्रों की हिंसक हमलों में मौत: सरकार
सरकार ने संसद को बताया कि 2018 से 2025 के बीच कनाडा में पढ़ाई कर रहे 17 भारतीय छात्रों की मौत 'हिंसक हमलों' के कारण हुई है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। सवाल विदेश में भारतीय छात्रों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं से जुड़ा था। मंत्री ने देशवार आंकड़ों की एक तालिका भी साझा की।

आंकड़ों के अनुसार, 2018 से 2025 के बीच हिंसक हमलों में मारे गए भारतीय छात्रों की संख्या इस प्रकार है- कनाडा में 17, अमेरिका में नौ, ऑस्ट्रेलिया में तीन, ब्रिटेन में एक, चीन में एक, डेनमार्क में एक, जर्मनी में एक, ग्रेनाडा में एक और किर्गिस्तान में दो छात्र शामिल हैं। असदुद्दीन ओवैसी ने विदेश मंत्रालय से पूछा था कि क्या सरकार को विदेश में भारतीय छात्रों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की घटनाओं की जानकारी है और क्या इन मामलों में समय पर जांच कराई गई है।


एआई समिट से वैश्विक तकनीकी विशेषज्ञता का मिलेगा लाभ- वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट आम लोगों के हित में वैश्विक एआई विशेषज्ञता और तकनीक का उपयोग अहम भूमिका निभाएगा। वैष्णव ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ओडिशा में दिए संबोधन का अंश साझा किया।

ओडिशा में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, एआई भविष्य की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और शासन व्यवस्था को नई दिशा देने वाला माध्यम बनेगा। तकनीक का उपयोग मानवता के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत का लक्ष्य एआई तकनीक को ग्रामीण विकास, कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू करना है।

4.19 करोड़ को फसल बीमा का लाभ
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में बताया कि राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से 4.19 करोड़ किसानों को बीमा का लाभ मिला है। इस डिजिटल व्यवस्था से त्वरित भुगतान सुनिश्चित हुआ और फर्जीवाड़े पर लगाम लगी है। पोर्टल से अब तक 2.90 करोड़ किसान जुड़ चुके हैं। सरकार डिजिटल कृषि क्रांति के तहत 6 सूत्रीय रणनीति पर काम कर रही है। इसमें किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा बढ़ाना मुख्य लक्ष्य है।

आयुष्मान भारत का लाभ उठाने वालों में 49 फीसदी महिलाएं
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 31 दिसंबर, 2025 तक 11.22 करोड़ लोग अस्पताल में दाखिल हुए। इनमें से लगभग 49% लाभ महिलाओं ने उठाया है। 2 फरवरी तक देश भर में 85.48 करोड़ आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते (आभा) बनाए जा चुके हैं। योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या 2018-19 के 6,917 से बढ़कर दिसंबर 2025 तक 33,270 हो गई है।

आयुष से जुड़े फुट रिफ्लेक्सोलॉजी
राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति ने फुट रिफ्लेक्सोलॉजी को आयुष प्रणाली में शामिल करने की मांग की है। सदन में उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पैर के संवेदनशील बिंदुओं के जरिये इसकी पहचान कर ली जाए, तो उपचार संभव है। आयुष में प्रभावी गैर आक्रामक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में इसकी देखभाल के लिए पर्याप्त प्रावधान है ।  उन्होंने बताया कि एशिया के कई देश जैसे थाईलैंड, इंडोनेशिया, लाओस, वियतनाम में व्यापक रूप से मसाज चिकित्सा पद्धति को अपनाया जाता है।

बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए मिले 45 दिन की छुट्टी
राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि ने सरकारी और निजी दोनों सेक्टर के कर्मचारियों के लिए 60 साल से ज्यादा उम्र के माता-पिता की देखभाल के लिए 45 दिन की अनिवार्य छुट्टी की मांग की। शून्यकाल में बाल्मीकि ने सैंडविच पीढ़ी की मुश्किलों का जिक्र किया और कहा कि ये वे लोग हैं, जो बूढ़े माता-पिता की देखभाल करने और अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को संभालने के बीच फंसे हुए हैं। 2036 तक वरिष्ठ नागरिकों की संख्या 23 करोड़ से ज्यादा हो जाएगा। जल्द ही, हर तीसरा भारतीय एक बुजुर्ग व्यक्ति होगा।

स्वास्थ्य शिविरों में पहुंचे 11 करोड़ लोग
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि 17 सितंबर से 1 अक्तूबर के बीच आयोजित स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान में 11 करोड़ लोग शामिल हुए। इस दौरान देश भर में 19.7 लाख स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के अनुसार, इन शिविरों का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण में सुधार करना था। शिविरों में ईएनटी, आंखों और दांतों की जांच के साथ कैंसर, एनीमिया, उच्च रक्तचाप और मधुमेह की स्क्रीनिंग की गई।

कोरियाई ऑनलाइन गेम का उठा मुद्दा
साहिबाबाद में तीन मासूम बहनों के कोरियाई ऑनलाइन गेम के प्रभाव में आकर आत्महत्या करने का मामला राज्यसभा में उठा। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने सवाल किया कि डिजिटल भ्रम, अवास्तविक उम्मीदों व ऑनलाइन दबाव के कारण टूट चुके नाबालिग की मानसिक सेहत की रक्षा करने की जिम्मेदारी किसकी है? शून्यकाल में शुक्ला ने सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों पर चिंता जताते हुए उसकी जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आज कोई भी किसी पर भी आरोप लगा देता है। किसी की भी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है। यह न सिर्फ समाज की बातचीत को, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को, युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सार्वजनिक विश्वास की नींव को भी हिला रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार को एक ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर झूठ और गलत जानकारी फैलाने के लिए उनकी जिम्मेदारी तय की जा सके।

रेल परियोजनाओं के लिए केरल में केवल 14 फीसदी जमीन मिली- वैष्णव 
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में कहा कि केरल में भूमि अधिग्रहण एक गंभीर चुनौती है।विभिन्न रेल परियोजनाओं के लिए अब तक केवल 14 फीसदी भूमि ही अधिग्रहित हो सकी है। उन्होंने राज्य सरकार से काम में तेजी लाने के लिए सहयोग मांगा। वैष्णव ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस साल केरल के लिए 3,795 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है। यह कांग्रेस सरकार के समय की तुलना में दस गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य में रेलवे की क्षमता दोगुनी हो जाएगी। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर मंत्री ने कहा कि पिछली सिल्वर लाइन परियोजना का पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा था।

पीएम मोदी में पूछे गए सवालों का जवाब देने की हिम्मत नहीं- खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी के दिए गए भाषण पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम में उनसे पूछे गए सवालों का जवाब देने की हिम्मत नहीं है। सरकार लोकतांत्रिक तरीके से सदन नहीं चलाना चाहती। खरगे ने पत्रकारों से कहा कि झूठ दोहराना पीएम मोदी का काम रहा है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान 97 मिनट के जवाब में उन्होंने कुछ भी जरूरी या अहम बात नहीं कही। वह बस 100 साल...75 साल... 50 साल की बातें करते रहे। जब हमें नरवणे की किताब मिली तो सत्ता में बैठे लोगों के पास वह किताब कैसे नहीं हो सकती? वे कह रहे हैं कि किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है, लेकिन किताब मौजूद है।

वैष्णव बोले- आय बढ़ी, लागत घटी, अधिशेष में पहुंचा विभाग, विद्युतीकरण से सुधरी आर्थिक स्थिति
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि बीते 10 वर्षों में रेलवे की वित्तीय स्थिति सुधरी है। अब सभी खर्च पूरे करने के बाद रेलवे के पास राजस्व अधिशेष भी है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए वैष्णव ने बताया कि 2014 से 2024 के बीच रेलवे में 5.04 लाख नौकरियां सृजित की गईं। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में 1.5 लाख रोजगार और दिए जा रहे हैं। सहायक लोको पायलट के 18 हजार पदों पर नियुक्ति शुरू हो गई है। वैष्णव ने कहा कि एक दशक में माल ढुलाई बढ़ाने, यात्री राजस्व में वृद्धि और लागत नियंत्रण के लगातार प्रयास सफल रहे हैं। रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे के 12 लाख कर्मियों पर कुल खर्च करीब 1.18 लाख करोड़ रुपये है। 18 लाख पेंशनभोगियों पर 65 हजार करोड़ का खर्च आता है। ऊर्जा लागत 32,000 करोड़, वित्तीय लागत 23,000 करोड़ और रखरखाव लागत करीब 8,000 करोड़ है। 2024-25 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियो 98.22% रहा। आय 2,65,114 करोड़ और अधिशेष 2,660 करोड़ रहा।

पंजाब का बजट 25 गुना बढ़ाया
वैष्णव ने बताया कि मोदी सरकार ने पंजाब के लिए 5,673 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटन किया है। यह कांग्रेस सरकार के समय राज्य को दिए गए बजट से 25 गुना अधिक है। मंत्री ने पंजाब में जमीनी स्तर पर समस्याओं को दूर करने और मामलों को तेजी से निपटाने में मदद करने के लिए अपने रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की भी तारीफ की।

पूर्ण विद्युतीकरण से ऊर्जा लागत में कमी
वैष्णव ने कहा, रेलवे के पूर्ण विद्युतीकरण के पीएम के निर्णय से ऊर्जा लागत में कमी आई है। पर्यावरण को लाभ हुआ है। माल ढुलाई बढ़ने के बावजूद ऊर्जा (डीजल और बिजली) खर्च चार साल पहले के 37,841 करोड़ से घटकर करीब 32,400 करोड़ रह गया है। परिचालन दक्षता, ऊर्जा लागत में करीब 5,500 करोड़ की बचत, बेहतर रखरखाव और माल ढुलाई में 400 मिलियन टन की वृद्धि हुई है। यात्री किराये पर 45% की सब्सिडी : रेल मंत्री ने बताया कि यात्रियों को रेलवे हर साल करीब 60,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रहा है, जिससे यात्री किराये पर औसतन 45 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है।

चीन से उर्वरक आयात 61% घटा, मोबाइल निर्यात दो लाख करोड़ पार; सदन में बोले केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद 
चीन से होने वाले आयात में वर्ष 2024-25 के दौरान उर्वरक, रसायन, लोहा एवं इस्पात तथा मानव-निर्मित सूत जैसे क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उर्वरकों के आयात में सबसे अधिक 61.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। अवशिष्ट रसायन एवं संबद्ध उत्पादों में 19.7 प्रतिशत, लोहा एवं इस्पात में 10.3 प्रतिशत और मानव-निर्मित सूत के आयात में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आई।
जितिन प्रसाद ने बताया कि मोबाइल फोन का आयात वर्ष 2014-15 में 48,609 करोड़ रुपये था, जो घटकर 2024-25 में 3,710 करोड़ रुपये रह गया है। दूसरी ओर, मोबाइल फोन के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2014-15 में 1,566 करोड़ के मुकाबले 2024-25 में यह 2,05,017 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।

वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार भारतीय उद्योगों को वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश करने और आपूर्ति शृंखला में विविधता लाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि किसी एक देश पर निर्भरता कम की जा सके। मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार आयात में होने वाली बढ़ोतरी पर नियमित रूप से नजर रखती है और आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाए जाते हैं।
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