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समझौता एक्सप्रेस में पाक ने प्लांट किए थे बम, UPA सरकार की जांच पर उठे सवाल

Thu, 22 Jun 2017 02:20 PM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम Updated Thu, 22 Jun 2017 02:20 PM IST
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pakistani rescued by upa, big reveal in samjhauta express

बुधवार को समझौता एक्सप्रेस में हुए ब्लास्ट के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। अंग्रेजी टीवी चैनल ने अपने खुलासे में बताया है कि कैसे पाकिस्तानी संदिग्धों ने 18 फरवरी 2007 को समझौता एक्सप्रेस में धमाकों को अंजाम दिया।

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इस खुलासे में कहा गया है कि यूपीए सरकार ने इस मामले को बिना पूरी जांच किए ही छोड़ दिया। टीवी चैनल का ये खुलासा केंद्रीय मंत्री रविशंकर द्वारा समझौता एक्सप्रेस मामले में यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान की गई जांच पर सवाल उठाया था। केंद्रीय मंत्री ने 'हिंदू टेरर' थ्योरी को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जांच के जरिए समझौता ब्लास्ट मामले की जांच को मोड़ने की कोशिश की गई।
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कानून मंत्री ने कहा कि मामले में हिंदू टेरर थ्योरी को प्लांट किया गया जबकि मामले के असली दोषी सीमा पार आराम से घूम रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसके आधार पर संदिग्ध पाकिस्तानी हमलावरों को छोड़ दिया गया?

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पाकिस्तानी संदिग्धों को 14 दिन में ही छोड़ दिया गया

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टीवी चैनल टाइम्स नाउ के खुलासे में दिखाया गया कि भारती अथॉरिटी ने इस मामले में पाकिस्तानी संदिग्धों को गिरफ्तार किया और उन्हें 14 दिन के भीतर ही छोड़ दिया गया। इसके अलावा इन संदिग्धों में से एक ने भारत की जमीन पर सबसे खतरनाक आतंकी हमले को अंजाम दिया।

इस केस में गुरदीप सिंह पहले जांच अधिकारी थे जो अब रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने समझौता एक्सप्रेस में मारे गए 68 नागरिकों के संबंध में आखिरी रिपोर्ट जमा की थी। जांच अधिकारी के मुताबिक इस पाकिस्तानी नागरिक को चश्मदीदों ने बम प्लांट करने वाले के रूप में पहचान की थी, लेकिन इसे 14 दिनों के भीतर ही प्राथमिक जांच के बाद छोड़ दिया गया। गुरदीप सिंह ने 12 दिन पहले 9 जून को कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया है।

इस मामले की जांच में ये सवाल भी उठा कि इतने सारे शहरों में पुलिस ने जांच सिर्फ 14 दिन में कैसे पूरी कर ली। आरोपी अजमत अली का न तो नार्को टेस्ट हुआ, न ही पोलीग्राफी टेस्ट। 14 दिन की पूछताछ में ये मान लिया गया कि समझौता ब्लास्ट में अजमत अली का हाथ नहीं है।

सिंह ने जांच को प्रभावित करने में सीनियर्स की तरफ इशारा किया। उनके बयान के मुताबिक पंजाब पुलिस ने अजमत अली को अटारी स्टेशन पर दो ब्लास्ट के बाद गिरफ्तार किया। जिसके बाद उसे जांच के लिए हरियाणा पुलिस को सौंप दिया गया। टाइम्स नाउ ने अपने स्टिंग में हरियाणा एटीएस की जांच पर सवाल उठाए हैं।

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