कश्मीर वाले बयान पर इमरान को विदेश मंत्रालय की सलाह, अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाए पाक
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गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने देश के करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा से जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित गलियारे की आधारशिला बुधवार को रखी। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा कि हमारा मसला सिर्फ कश्मीर का है, इंसान चांद पर पहुंच चुका है लेकिन हम एक मसला हल नहीं कर पा रहे हैं। ये मसला तभी हल हो पाएगा जब हम पक्का फैसला करेंगे।
इमरान ने कहा कि हम एक कदम आगे बढ़कर दो कदम पीछे हट जाते हैं, लेकिन रिश्ते ठीक करने के लिए हम प्रयास नहीं करते हैं। अगर फ्रांस-जर्मनी एक साथ आ सकते हैं, तो फिर पाकिस्तान-हिंदुस्तान ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं।
MEA on Pakistan PM's Kashmir remark: Pakistan is reminded that it must fulfill its international obligations and take effective and credible action to stop providing shelter and all kind of support to cross border terrorism from territories under its control. https://t.co/DwIezN50hA
— ANI (@ANI) November 28, 2018
सार्क की बैठक में शामिल नहीं होगा भारत
इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने साफ कर दिया है कि भारत इस साल सार्क सम्मेलन में शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर पहल का पाकिस्तान के साथ बातचीत से कोई लेना-देना नहीं है और पाकिस्तान जब भारत में आतंकवादी गतिविधियां बंद कर देगा तभी उससे बातचीत शुरू होगी।
भारत इस कॉरिडोर की लंबे समय से मांग करता रहा है, जिससे भारतीय सिख श्रद्धालु बिना वीजा के करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब तक आ जा सकें। स्वराज ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि पाकिस्तान ने पहली बार सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इस कदम भर से द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो जाएगी। आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती।’’ विदेश मंत्री तेलंगाना में सात दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले प्रचार के लिए यहां हैं और वह संवाददाताओं को संबोधित कर रहीं थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘जिस क्षण पाकिस्तान भारत में आतंकवादी गतिविधियां बद कर देगा, बातचीत शुरू हो सकती है लेकिन बातचीत केवल करतारपुर गलियारे से जुड़ी नहीं है।’’ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान बुधवार को अपने देश में इस कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे। इस कॉरिडोर के छह माह के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।