कश्मीर: 23 एक्स अकाउंट, 13 एफबी इनफ्लुएंसर और 10 मोबाइल नंबर से घाटी का माहौल बिगाड़ने के लिए स्लीपर सेल तैयार
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान ने 'ब्लैक डे' के नाम पर बड़ी साजिश रची। शुक्रवार और शनिवार को पीओके से लेकर जम्मू कश्मीर और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में माहौल खराब करने के लिए न सिर्फ सोशल मीडिया का सहारा लिया। बल्कि पाकिस्तान के इशारे पर माहौल खराब करने वाली ऑल पार्टीज हुर्रियत कांफ्रेंस को भी एक बड़ा टास्क दे दिया। इसमें पाकिस्तान की आईएसआई और सेना ने 23 ट्विटर अकाउंट और 13 फेसबुक इनफ्लुएंसर समेत 10 फोन नंबर को एक्टिवेट किया, जिनके माध्यम से सिर्फ घाटी ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में माहौल खराब करने की साजिश रची। अमर उजाला डॉट कॉम के पास पाकिस्तान के इन सभी अकाउंट्स और फोन नंबर की डिटेल के साथ लोकेशन तक मौजूद है। फिलहाल केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान की इस साजिश का सिर्फ समय रहते भंडाफोड़ किया, बल्कि उनकी ऐसी किसी भी रणनीति को घाटी में सक्रिय भी नहीं होने दिया।
ब्लैक डे मनाने के नाम पर पाकिस्तान ने समूची दुनिया में भारत के खिलाफ एक बड़ी साजिश रचनी शुरू की। इस साजिश में पाकिस्तान ने न सिर्फ अपने देश की राजधानी इस्लामाबाद बल्कि लाहौर और कराची समेत पेशावर से सोशल मीडिया अकाउंट और फोन नंबर के माध्यम से माहौल खराब करने की रणनीति बनानी शुरू की। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट के आधार पर पता चला कि इस साजिश के तहत पाकिस्तान ने ब्लैक डे मनाने के नाम पर न सिर्फ स्लीपर सेल को एक्टिव करने की योजना बनाई, बल्कि जम्मू कश्मीर से लेकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बड़े स्तर पर पैसा देकर भारत के खिलाफ छवि खराब करने और आतंकी साजिशों को बढ़ावा देने के लिए अपने स्लीपर सेल के आतंकियों समेत अलगाववादियों को सक्रिय करने का बड़ा टास्क दिया।
खुफिया एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने ऑल पार्टीज हुर्रियत कांफ्रेंस के गुलाम अहमद गुलजार को अपना बड़ा मोहरा बनाते हुए घाटी में लोगों को इकट्ठा करने की जिम्मेदारी दी। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए जम्मू कश्मीर से लेकर पीओके के अलग-अलग संगठनों से संपर्क स्थापित किया, जिसमें रेजिस्टेंस यूथ फोरम, जम्मू कश्मीर वारसीन ए सुहादा, जम्मू कश्मीर पॉलिटिकल रेजिस्टेंस मोमेंट, जम्मू कश्मीर डेमोक्रेटिक मोमेंट, कश्मीर स्टूडेंट यूथ फोरम समेत जम्मू कश्मीर जस्टिस एंड पीस एनिशिएटिव और नौजवान ए हुर्रियत जम्मू कश्मीर के साथ-साथ जम्मू कश्मीर स्टूडेंट फोरम से जुड़े अलगाववादियों और आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने वाले स्लीपर सेल के सक्रिय संगठन के लोगों को जोड़ा गया।
केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ऑल पार्टीज हुर्रियत कांफ्रेंस के गुलाम अहमद गुलजार ने अपने टास्क के मुताबिक स्लीपर सेल से जुड़े लोगों और अलग-अलग संगठनों में शामिल लोगों को न सिर्फ भारत के नाम पर भड़काया, बल्कि इस्राइल की ओर से किए जा रहे हमास आतंकियों पर हमले के लिए भी इनको जमकर उकसाया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गुलजार ने घाटी में ब्लैक डे मनाने के लिए न सिर्फ शुक्रवार का दिन तय किया, बल्कि शनिवार को भी अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन के माध्यम से आवाज उठाने की बात कही। हालांकि खुफिया एजेंसियों की तत्परता और सक्रियता से घाटी में पाकिस्तान की ओर से रची जाने वाली साजिश का वक्त से पहले पता भी चला और उसकी निष्क्रिय भी कर दिया गया।
खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने अपने देश की राजधानी इस्लामाबाद से लेकर लाहौर, कराची और पेशावर अलग-अलग 13 फेसबुक इनफ्लुएंसर का चयन किया। यह सभी इनफ्लुएंसर ने अलग-अलग आईपी एड्रेस से अपने अकाउंट को लॉगिन करके देश के विरोध में सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार करना शुरू कर दिया। इसके अलावा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने नए 23 एक्स (ट्विटर अकाउंट) भी तैयार किए। इन सभी अकाउंट को अलग-अलग लोकेशन से लॉगिन किया गया और भारत के खिलाफ माहौल बनाने के लिए देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्से में लोगों को टैग किया गया। जबकि खुफिया एजेंसियों ने 10 ऐसे मोबाइल नंबर भी ढूंढ निकाले, जिनके माध्यम से पाकिस्तान से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भारत के खिलाफ साजिश रचे जाने के लिए संपर्क किया गया था।
रक्षा विशेषज्ञ और घाटी में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल अनिरुद्ध प्रताप सिंह कहते हैं कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति कितनी खराब है, इसे बताने की देश और दुनिया को बिल्कुल जरूरत नहीं है। लेकिन भारत के खिलाफ जब उसकी साजिश करनी होती है, तो वह अपने देश के लोगों को भूखा नंगा छोड़कर तैयारी करना शुरू कर देता है। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल अनिरुद्ध कहते हैं कि पाकिस्तान ने अपने इसी प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने के लिए जिन लोगों को शामिल किया, उनको बाकायदा कुछ डॉलर देकर प्रलोभित भी किया गया। वह कहते हैं कि बावजूद इसके पाकिस्तान की सभी चालाकियां तब धरी की धरी रह गई, जब हमारी खुफिया एजेंसियों ने उनकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।