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पाक ने फिर दोहराया पुराना खेल, आतंकियों का शव लेने से किया इंकार
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 08 May 2016 10:38 AM IST
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- फोटो : Reuters
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पाकिस्तान ने फिर से वही पुराना खेल खेला है जो वो हर आतंकी हमले के बाद खेलता रहा है। उसने पठानकोट हमले में मारे गए आतंकियों को यह कह कर लेने से इंकार कर दिया कि ये सभी 'शिनाख्त नहीं किए गए हैं।' पाकिस्तान ने यह कदम तब उठाया है जबकि भारत की ओर से उसे आतंकियों की नागरिकता, जिसमें इलक्ट्रॉनिक इंटरसेप्ट भी शामलि है उन्हें सौंप दिया है था। इससे पहले भारत की ओर से जब पाक को 4 आतंकियों के बारे में बताया गया था तो उन्होंने यह माना था कि वो सभी पाकिस्तानी हैं।
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भारत की ओर से इस्लामाबाद से चारो शवों को लेने के लिए कहा गया था लेकिन पाक की ओर इस संबंध में अनिच्छा जाहिर करते हुए शवों को लेने से इंकार कर दिया जिसके बाद भारत ने ही पूरे इस्लामिक रीति रिवाज के साथ शवों को दफना दिया। पाकिस्तानी अधिकारियों को दिए डॉक्यूमेंट्स में भारत ने चारों आतंकियों नासिर, अबु बकर, फारुक और कयूम जो क्रमशः पाक स्थित पंजाब के वेहारी, गुजरनवाला, सिंध के संघर और सुक्कुर के रहने वाले थे, सटीक जानकारी दी गई थी।
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यही नहीं नासिर ने भारत में आने के बाद अपनी मां से बात भी किया था और उसी ने एसपी सलविंदर सिंह के अपहरण भी किया था। गौरतलब है कि इससे पहले कारगिल में भी पाक की ओर से उसके सैनिकों का शव लेने इंकार कर दिया था। इतना ही नहीं 26/11 के अजमल कसाब और उसके अन्य जिहादी साथियों को पाक का मानने से इंकार दिया था जिस पर वहां की मीडिया ने पाक सरकार की पोल खोली थी। बता दें कि पठानकोट हमले में चारों आतंकियों का शव पठानकोट अस्पताल की मर्चरी में चार महीने रखा हुआ था कि पाकिस्तान उन्हें ले जाएगा।
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बता दें कि शवों को पठानकोट सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा गया था और 6 मई की तड़के करीब 2 बजे उन्हें वहां से पठानकोट पुलिस द्वारा ले जाया गया और शहर के एक अज्ञात कब्रिस्तान में दफना दिया गया।
आधिकारिक सूत्रों की माने तो पठानकोट मामले के आतंकवादियों को उस स्थान के समीप ही दफनाया गया है, जहां पिछले वर्ष दीनानगर (गुरदासपुर) पुलिस थाने पर हमले में शामिल तीनों आतंकवादियों के शवों को दफनाया गया था।