{"_id":"63a3f7677f0fb250e5499748","slug":"our-neighbour-continues-to-remain-volatile-and-uncertain-air-chief-chaudhari-says","type":"story","status":"publish","title_hn":"IAF chief: पड़ोसी देश अस्थिर, वायु सेना प्रमुख बोले- समान विचारों वाले देशों के साथ सामूहिक ताकत बढ़ाना जरूरी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
IAF chief: पड़ोसी देश अस्थिर, वायु सेना प्रमुख बोले- समान विचारों वाले देशों के साथ सामूहिक ताकत बढ़ाना जरूरी
Thu, 22 Dec 2022 11:51 AM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 22 Dec 2022 11:51 AM IST
सार
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में वायु सेना प्रमुख चौधरी ने कहा कि परस्पर लाभकारी संबंधों और रणनीतिक साझेदारी के लिए हमें एक स्थिर देश के रूप में अपनी छवि का इस्तेमाल करना चाहिए। इस साझेदारी का पर्याप्त आर्थिक महत्व होना चाहिए।
विज्ञापन
एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चीन व पाकिस्तान के साथ लगातार तनाव के बीच एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि हमारा पड़ोसी लगातार अस्थिर व अनिश्चित बना हुआ है, ऐसे में हमें परस्पर विश्वास करने वाले व समान मूल्यों वाले देशों के साथ मिलकर सामूहिक ताकत बढ़ाना चाहिए।
विज्ञापन
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में वायु सेना प्रमुख चौधरी ने कहा कि परस्पर लाभकारी संबंधों और रणनीतिक साझेदारी के लिए हमें एक स्थिर देश के रूप में अपनी छवि का इस्तेमाल करना चाहिए। इस साझेदारी का पर्याप्त आर्थिक महत्व होना चाहिए। यह जरूरी है कि हम अपनी सामरिक स्वायत्तता को बरकरार रखें। इसके लिए अमेरिकी विचारक जॉन मियरशाइमर द्वारा प्रतिपादित संतुलन की रणनीति पर आगे बढ़ा जा सकता है।
विज्ञापन
एयर चीफ मार्शल ने कहा कि मौजूदा विश्व व्यवस्था में राष्ट्रीय हित और असल राजनीति किसी भी देश की नीति का निर्धारण करते हैं। ऐसे में प्रतिस्पर्धा और सहयोग के बीच हमेशा घालमेल होता है। सार्थक सहयोग के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जरूरी है। हमें अपने अस्तित्व के लिए खुद की रणनीति बनाना होगी, इसमें यह ध्यान रखना चाहिए कि हमारे दीर्घावधि लक्ष्यों को नुकसान न पहुंचे।
विज्ञापन
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि मौजूदा संघर्षों के बीच भारत के दीर्घावधि लक्ष्यों को नुकसान न पहुंचे इसकी संतुलित रणनीति संयुक्त राष्ट्र में सामने आई है। दबाव के बाद भी भारत विभिन्न क्षेत्रों से उचित मूल्य पर तेल आयात जारी रखने में सफल रहा। उनका इशारा यूक्रेन जंग के बीच पाबंदियों के बाद भी रूस से तेल आयात जारी रखने की ओर था।
कौन हैं जॉन मियरशाइमर
वायु सेना प्रमुख चौधरी ने जिन जॉन मियरशाइमर के सिद्धांतों पर चलने का जिक्र किया है, वे अमेरिका के राजनीति विज्ञानी और अंतरराष्ट्रीय संबंधों विद्वान हैं। वे आक्रामक यथार्थवाद का सिद्धांत दुनिया के सामने रखा है। वे शिकागो विश्वविद्यालय में आर वेंडेल हैरिसन विशिष्ट सेवा प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।